छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में अल्प वर्षा और धान की फसल में कीट प्रकोप से हुए नुकसान सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शुक्रवार को किसानों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। जिलेभर से हजारों की संख्या में किसान अपने घरों से निकलकर जिला मुख्यालय मोहला पहुंचे। यहां किसानों ने वनधन केंद्र में एकत्रित होकर सभा की, जहां आयोजक समिति ने किसानों को संबोधित करते हुए उनकी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया।
सभा के बाद किसान अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर रैली के रूप में निकले। यह रैली दुर्गा चौक होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की।
इस प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा अल्प वर्षा और धान की फसल में कीट प्रकोप के कारण हुए नुकसान से प्रभावित किसानों को राहत दिलाना रहा। किसानों ने फसल नुकसान का वास्तविक आकलन, मुआवजा, फसल बीमा और कृषि से संबंधित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
वनोपज केंद्र में जुटे हजारों किसान, सभा में उठीं किसानों की समस्याएं
शुक्रवार को जिला मुख्यालय मोहला में जिलेभर के किसानों का जमावड़ा लगा। किसान अपने गांवों से निकलकर वनोपज केंद्र पहुंचे, जहां सभा का आयोजन किया गया। आयोजक समिति ने सभा के माध्यम से किसानों को संबोधित किया और खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा।
किसानों की प्रमुख चिंता खरीफ सीजन में धान की फसल को हुए नुकसान को लेकर रही। अल्प वर्षा और कीट प्रकोप के चलते फसल प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद और अन्य संसाधनों पर खर्च करने के बाद यदि फसल खराब हो जाती है, तो परिवार के भरण-पोषण से लेकर कर्ज चुकाने तक की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
सभा के बाद किसानों ने अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए रैली निकाली। किसान वनोपज केंद्र से दुर्गा चौक होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
आठ सूत्रीय मांगों के जरिए किसानों ने सरकार का ध्यान खींचा
किसान संघ ने ज्ञापन के माध्यम से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आठ प्रमुख मांगें रखीं। इनमें फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराने से लेकर मुआवजा, बीमा राशि और आगामी फसल के लिए सहायता उपलब्ध कराने तक की मांग शामिल है।
1. राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम से तत्काल सर्वेक्षण
किसान संघ ने मोहला ब्लॉक के प्रभावित गांवों और खेतों में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल फसल गिरदावरी और नुकसान का सर्वेक्षण कराने की मांग की है। इससे प्रभावित किसानों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
2. आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा
फसल नुकसान का सही आकलन कर राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के अनुसार पात्र प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की गई है।
3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ
किसान संघ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति दिलाने तथा बीमा संबंधी प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है।
4. कृषि ऋण में राहत
फसल खराब होने के कारण किसानों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए कृषि ऋण की वसूली स्थगित करने और ऋण माफी की मांग पर विचार करने की अपील की गई है।
5. सहकारी समितियों में खाद-बीज का उचित वितरण
ज्ञापन में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज का पारदर्शी तरीके से वितरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है, ताकि किसानों को समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध हो सके।
6. आगामी फसल के लिए निःशुल्क सहायता
प्रभावित किसानों को आगामी फसल की तैयारी के लिए बीज, खाद और अन्य आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में सहायता मिल सके।
7. राजीव गांधी किसान सम्मान निधि योजना का लाभ
किसान संघ ने पात्र किसानों को राजीव गांधी किसान सम्मान निधि योजना के तहत निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
8. MSP की बकाया राशि और अंतर की भरपाई
किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से संबंधित भुगतान का मुद्दा उठाते हुए बकाया राशि और समर्थन मूल्य से जुड़े अंतर की भरपाई करने की मांग की है। संघ ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और भुगतान संबंधी समस्याओं का निराकरण करने की अपील की है।
अब प्रशासन के फैसले पर टिकी किसानों की नजर
जिलेभर से हजारों किसानों के जिला मुख्यालय पहुंचने और आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करने से किसानों की समस्याएं एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया है कि अल्प वर्षा और कीट प्रकोप से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
अब किसानों की नजर जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर टिकी है। देखना होगा कि किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है और फसल नुकसान के सर्वेक्षण, मुआवजे तथा अन्य राहत उपायों को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।
0 टिप्पणियाँ