श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर डीएनटी पब्लिक स्कूल, मोहला में सोमवार, 3 अगस्त को विविध रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्साह और उल्लास का वातावरण रहा। कार्यक्रम के दौरान “नंद घर आनंद भयो...” जैसे भजनों एवं गीतों से विद्यालय परिसर कृष्णमय नजर आया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों एवं भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा।
राधा-कृष्ण की वेशभूषा में नजर आए नन्हे विद्यार्थी
जन्माष्टमी समारोह में नर्सरी से कक्षा 2 तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी आकर्षक राधा-कृष्ण की वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे। कोई नन्हा कान्हा मुकुट, मोरपंख और बांसुरी के साथ नजर आया तो कोई राधा के मनमोहक रूप में दिखाई दिया। बच्चों का यह आकर्षक रूप कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
विद्यालय परिसर में बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों और पारंपरिक वेशभूषा ने जन्माष्टमी के उत्सव में चार चांद लगा दिए।
नृत्य और अभिनय से बच्चों ने बांधा समां
कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में नृत्य एवं एक्ट/अभिनय की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और बाल लीलाओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
बच्चों के अभिनय में उत्साह, आत्मविश्वास और रचनात्मकता साफ दिखाई दी। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार का मन मोह लिया।
मुकुट और मटका सजाने में दिखी रचनात्मकता
कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए मुकुट एवं मटका सजाने की रचनात्मक गतिविधि आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए विभिन्न रंगों और सजावटी सामग्रियों का उपयोग कर आकर्षक मुकुट एवं मटके तैयार किए।
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक सोच और कलात्मक कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
श्रीकृष्ण के आदर्शों से कराया परिचित
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, कर्तव्य, सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
शिक्षकों ने बताया कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से विद्यार्थियों को जोड़ने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में सांस्कृतिक मूल्यों के साथ-साथ आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता का भी विकास होता है।
प्राचार्य ने की विद्यार्थियों की सराहना
विद्यालय की प्राचार्य बीना तिवारी ने विद्यार्थियों की सहभागिता और शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी।
उत्साह और उल्लास के साथ हुआ आयोजन
जन्माष्टमी समारोह के दौरान डीएनटी पब्लिक स्कूल का पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। नन्हे बच्चों की राधा-कृष्ण वेशभूषा, विद्यार्थियों के नृत्य एवं अभिनय और मुकुट-मटका सजाने जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव और अपनी प्रतिभा को प्रस्तुत करने का उत्साह पैदा किया।
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