मंच की मजबूती को लेकर पहले से दिए गए निर्देशों के बावजूद हुआ हादसा, करीब 10 हजार की भीड़ के बीच कुछ देर के लिए बनी भगदड़ जैसी स्थिति
NBP NEWS / चिल्हाटी | 22 सितंबर 2026
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के चिल्हाटी में 21 सितंबर को आयोजित पटपर झांकी कार्यक्रम की शुरुआत ही एक अप्रत्याशित घटना से हुई। कार्यक्रम का पहला गाना शुरू होते ही मंच अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकार और मौजूद अन्य लोग जमीन पर जा गिरे। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया गया कि पटपर झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। समिति अध्यक्ष अशोक साहू के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 10 हजार लोगों की भीड़ मौजूद थी। पहला गाना शुरू होने तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक मंच के गिरने से लोगों में हड़कंप मच गया।
मंच में लगे सामान हटाकर जमीन पर की गई व्यवस्था
मंच गिरने के बाद चिल्हाटी युवा समिति के सदस्यों ने तत्काल मंच पर लगे प्लेट, बांस, लकड़ी, टेबल और अन्य सामान को हटाया। इसके बाद जमीन पर गद्दे बिछाकर झांकी कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने का प्रयास किया गया।
हालांकि, मंच नहीं होने के कारण पीछे खड़े दर्शकों को कार्यक्रम स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था। समिति अध्यक्ष के मुताबिक, इसी दौरान काली माता के गीत पर कुछ लोगों में 'देव आने' की स्थिति बनी, जिससे भीड़ के बीच कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को संभाल लिया।
तीन गानों के बाद कार्यक्रम रुकवाया गया
थाना प्रभारी संजय मरावी ने बताया कि चिल्हाटी में पटपर झांकी का आयोजन किया गया था। उनके अनुसार, कार्यक्रम के पहले ही गाने में मंच धराशायी हो गया। थाना प्रभारी ने कहा कि मंच शुरुआत से ही कमजोर दिखाई दे रहा था और आयोजक समिति को पहले ही मंच की मजबूती को लेकर निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद उसी मंच का उपयोग किया गया।
उन्होंने बताया कि झांकी में बड़ी संख्या में कलाकारों की टीम थी और मंच का निर्माण अपेक्षित मजबूती के साथ नहीं किया गया था। मंच गिरने या उसके बाद हुई अफरा-तफरी में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस के अनुसार, करीब तीन गानों के बाद कार्यक्रम को रुकवा दिया गया।
करीब एक घंटे बाद फिर रोका गया कार्यक्रम
समिति अध्यक्ष अशोक साहू के मुताबिक, मंच गिरने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था कर झांकी को दोबारा शुरू किया गया, लेकिन करीब एक घंटे बाद कार्यक्रम को बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मंच नहीं होने के कारण दूर खड़े दर्शकों को कार्यक्रम देखने में परेशानी हो रही थी और इसी वजह से भीड़ को नियंत्रित करने में भी चुनौती बनी।
अशोक साहू ने बताया कि कार्यक्रम को आगे संचालित करने को लेकर झांकी समिति के सदस्यों के बीच भी चर्चा हुई। इसी दौरान समिति के सदस्य खिलेश धुर्वे द्वारा कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा किए जाने की बात सामने आई। समिति अध्यक्ष के अनुसार, यह घोषणा अन्य सदस्यों को पूरी तरह विश्वास में लिए बिना किए जाने की बात कही जा रही है।
बड़ा हादसा टला, लेकिन आयोजन व्यवस्था पर उठे सवाल
मंच गिरने की घटना में किसी के घायल नहीं होने से राहत की बात है। हालांकि, बड़ी संख्या में दर्शकों और कलाकारों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में मंच की मजबूती को लेकर पहले से निर्देश दिए जाने के बावजूद कमजोर मंच का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने से आयोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल पुलिस के अनुसार, घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। मंच निर्माण, आयोजन व्यवस्था और कार्यक्रम के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर सामने आए तथ्यों पर चर्चा के बीच यह सवाल जरूर उठ रहा है कि बड़ी भीड़ वाले सार्वजनिक आयोजनों में मंच और अन्य अस्थायी संरचनाओं की सुरक्षा जांच कितनी गंभीरता से की जाती है।
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