मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के जिला मुख्यालय मोहला में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से राजनांदगांव से मोहला होते हुए मानपुर तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत वर्तमान में मोहला शहर में सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण का कार्य जारी है। इसी निर्माण कार्य में सड़क की सेंटर लाइन और 10 मीटर की निर्धारित चौड़ाई के चिन्हांकन को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के अनुसार, सड़क की कुल चौड़ाई को पहले निर्धारित 24 मीटर से घटाकर 20 मीटर किया गया है। इसके बाद सड़क के सेंटर प्वाइंट से दोनों ओर 10-10 मीटर की चौड़ाई निर्धारित की गई है। इसी आधार पर सड़क और नाली निर्माण के लिए चिन्हांकन किया गया है।
लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि सड़क का वास्तविक सेंटर प्वाइंट आखिर निर्धारित कैसे किया गया है?
12 मीटर और 10 मीटर की मार्किंग के बीच दूरी कहीं दो मीटर तो कहीं आधे मीटर से भी कम
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग दो-तीन वर्ष पहले जिला मुख्यालय मोहला में सड़क के दोनों ओर 12-12 मीटर की चौड़ाई के हिसाब से नपाई और चिन्हांकन किया गया था। इसके बाद करीब सात महीने पहले सड़क की चौड़ाई को लेकर दोबारा नाप की गई, जिसमें दोनों ओर 10-10 मीटर की चौड़ाई निर्धारित की गई।
सामान्य गणना के अनुसार यदि पहले का 12 मीटर का चिन्हांकन और वर्तमान का 10 मीटर का चिन्हांकन सही तथा एक ही सेंटर लाइन के आधार पर किया गया हो, तो दोनों निशानों के बीच की दूरी प्रत्येक स्थान पर करीब 2 मीटर होनी चाहिए।
लेकिन मौके पर स्थिति अलग दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
गौरव मोबाइल दुकान के पास 10 मीटर और पुराने 12 मीटर के चिन्हांकन के बीच लगभग 2 मीटर का अंतर दिखाई देता है। वहीं आगे अटल व्यावसायिक परिसर की ओर बढ़ने पर यही दूरी घटकर कई स्थानों पर आधे मीटर से भी कम दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
यहीं से सड़क के सेंटर प्वाइंट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आखिर सड़क का सेंटर प्वाइंट कहां से लिया गया?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि वर्तमान सड़क चौड़ीकरण के लिए सेंटर लाइन किस बिंदु को आधार मानकर निर्धारित की गई है।
यदि सड़क का सेंटर प्वाइंट एक समान और सही तरीके से निर्धारित किया गया होता, तो छुरिया मंदिर से लेकर बांधपारा तक पुराने 12 मीटर और वर्तमान 10 मीटर के चिन्हांकनों के बीच लगभग समान 2 मीटर का अंतर दिखाई देना चाहिए था।
लेकिन मौके पर अलग-अलग स्थानों पर इस दूरी में अंतर दिखाई देने की बात सामने आ रही है। इससे स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि कहीं सड़क की सेंटर लाइन निर्धारित करने में तकनीकी स्तर पर कोई त्रुटि तो नहीं हुई है।
नाली निर्माण को लेकर भी उठ रहे सवाल
वर्तमान में सड़क के एक ओर नाली निर्माण का कार्य जारी है। बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से ठेकेदार को 10 मीटर की चिन्हांकित लाइन दिखाई गई, जिसे आधार मानकर ठेकेदार के कर्मचारी निर्माण कार्य कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि यदि 10 मीटर की मार्किंग में ही अंतर है तो उसी आधार पर बनने वाली नाली की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
यही वजह है कि सवाल उठ रहा है कि सड़क के एक हिस्से में अधिक जमीन और दूसरे हिस्से में कम जमीन लिए जाने की स्थिति भविष्य में दुकानों, अतिक्रमण हटाने और सड़क की वास्तविक चौड़ाई को लेकर विवाद का कारण बन सकती है।
व्यापारियों में भी बढ़ रही नाराजगी
सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भी चिंता देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि सड़क के दोनों ओर समान दूरी के बजाय एक ओर अधिक और दूसरी ओर कम हिस्सा लिया गया, तो इसका सीधा असर अलग-अलग दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में किसी एक तरफ ज्यादा दुकानें प्रभावित होने और दूसरी तरफ अपेक्षाकृत कम नुकसान होने की आशंका से व्यापारियों में असंतोष बढ़ने की बात सामने आ रही है।
24 मीटर से 20 मीटर हुई सड़क की चौड़ाई
बताया जा रहा है कि शासन स्तर पर सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 24 मीटर निर्धारित थी। बाद में स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन के बीच हुई बैठकों के बाद इसे 20 मीटर किए जाने की बात सामने आई।
यानी वर्तमान व्यवस्था के अनुसार सड़क के सेंटर से दोनों ओर 10-10 मीटर चौड़ाई ली जानी है।
इसी के साथ कुछ व्यापारी सड़क की चौड़ाई को 8-8 मीटर किए जाने की मांग भी कर रहे हैं, ताकि उनकी दुकानें प्रभावित न हों। हालांकि सड़क की चौड़ाई कम होने से भविष्य में यातायात व्यवस्था और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विभागीय इंजीनियर ने मौके पर दी जानकारी
मामले को लेकर मौके पर लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर उत्तम सिंह भी पहुंचे। उन्होंने सड़क की चौड़ाई, सेंटर लाइन और निर्माण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई।
हालांकि मौके पर पुराने और वर्तमान चिन्हांकनों के बीच अलग-अलग स्थानों पर दिखाई देने वाले अंतर को लेकर उठ रहे सवालों का तकनीकी रूप से स्पष्ट समाधान सामने आना अभी बाकी है।
जांच और दोबारा नपाई की मांग
स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच अब मांग उठ रही है कि सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण को लेकर पूरे हिस्से की दोबारा तकनीकी नपाई कराई जाए। विशेष रूप से सड़क के वास्तविक सेंटर प्वाइंट का निर्धारण कर पुराने 12 मीटर और वर्तमान 10 मीटर के चिन्हांकन की तुलना की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य गलत चिन्हांकन के आधार पर आगे बढ़ा तो भविष्य में सड़क की चौड़ाई, नाली की स्थिति, अतिक्रमण हटाने और दुकानों के प्रभावित होने को लेकर विवाद और बढ़ सकता है।
आरोप है कि मोहला जय स्तंभ चौक से मानपुर रोड बांधपारा की ओर जाने वाली मार्ग पर दाया ओर की दुकानों को ज्यादा तोड़ा जाएगा जबकि बाई ओर की दुकानों या मकानों को कम तोड़ा जाएगा। बरहाल इसमें विभाग की स्पष्टीकरण बाकी है। जल्द ही उनका पक्ष भी बताया जाएगा।
ऐसे में निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने से पहले विभाग द्वारा मौके की संयुक्त तकनीकी जांच और स्पष्ट सीमांकन कराया जाना जरूरी बताया जा रहा है, ताकि करोड़ों रुपये की परियोजना में बाद में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने न आए।
फिलहाल मुख्य सवाल यही है कि सड़क की सेंटर लाइन आखिर किस आधार पर निर्धारित की गई है और 10 मीटर तथा पुराने 12 मीटर के चिन्हांकनों के बीच दूरी अलग-अलग स्थानों पर क्यों बदल रही है? इसका स्पष्ट तकनीकी जवाब और आधिकारिक नपाई रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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