भावसार फाउंडेशन द्वारा भारत सरकार की RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत वैकल्पिक वित्तपोषण (Alternative Financing) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला उद्योग भवन, दुर्ग में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था के अलावा उपलब्ध आधुनिक वित्तीय विकल्पों की जानकारी देना और उन्हें इन माध्यमों से जोड़ने के लिए जागरूक करना था।
कार्यशाला में बताया गया कि जब छोटे उद्योगों, MSMEs अथवा स्टार्टअप्स को पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है, तब वैकल्पिक वित्तपोषण के विभिन्न माध्यम उनके लिए उपयोगी हो सकते हैं। RAMP योजना के तहत MSMEs के लिए वित्तीय पहुंच को मजबूत करने और नए वित्तीय स्रोतों को सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान वैकल्पिक वित्तपोषण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें प्राप्य वित्तपोषण बाजार (Receivables Financing Market) को मजबूत करना, भुगतान में देरी को कम करना, नए वित्तीय स्रोतों तक पहुंच बढ़ाना, क्रेडिट गारंटी एवं जोखिम साझेदारी तथा MSMEs के हरित परिवर्तन (Greening of MSMEs) के लिए वित्तीय सहायता जैसे विषय प्रमुख रहे।
कार्यशाला में छोटे एवं मध्यम उद्योगों से जुड़े उद्यमियों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी तथा वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वित्तीय व्यवस्था के विशेषज्ञ शादाब खान ने प्रतिभागियों को वैकल्पिक वित्तपोषण की प्रक्रिया, संभावनाओं और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने वित्तीय व्यवस्था एवं ऋण प्राप्त करने से जुड़े विभिन्न सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा विस्तार से जवाब दिया गया। साथ ही प्रतिभागियों से आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने तथा उपलब्ध वित्तीय योजनाओं एवं व्यवस्थाओं से जुड़कर अपने व्यवसाय को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
कार्यशाला के अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों एवं वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम का सुचारु रूप से समापन हुआ।
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