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नम्रता सिंह जैन के जाति प्रमाण पत्र मामले में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी, 12 से 15 दिनों में आ सकता है बड़ा फैसला

NBP NEWS /  मोहला, 07 अगस्त 2026
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह जैन के जाति प्रमाण पत्र की वैधता से जुड़े मामले में शुक्रवार, 7 अगस्त को उच्च स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान समिति ने शिकायतकर्ता और अनावेदिका (उत्तरदाता) दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं तथा उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज और हलफनामे स्वीकार किए।
मामला नम्रता सिंह जैन के जाति प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर दायर शिकायत से जुड़ा है। सुनवाई के लिए रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जिला मोहला के सर्व आदिवासी समाज, ग्राम सभा मोहला के सदस्य, सामाजिक प्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने पक्ष में नोटरीकृत शपथ पत्र और लिखित आवेदन समिति के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं समिति के समक्ष मौखिक रूप से भी कई पक्षकारों ने अपनी बातें रखीं।

सात सदस्यीय उच्च स्तरीय छानबीन समिति की बैठक में छह सदस्य उपस्थित रहे। समिति के अध्यक्ष सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में सुनवाई की कार्यवाही प्रारंभ हुई। इस दौरान नम्रता सिंह जैन ने अपने अधिवक्ताओं की टीम तथा समर्थकों के माध्यम से अपना पक्ष रखा और बड़ी संख्या में नोटरीकृत हलफनामे समिति को सौंपे।
सुनवाई के बाद नम्रता सिंह जैन अपने समर्थकों के साथ संस्थान परिसर से बाहर निकलीं, जहां उन्होंने विक्ट्री साइन के साथ फोटो खिंचवाई। इस दौरान उनके समर्थक एक-दूसरे को बधाई देते भी दिखाई दिए। उनके साथ जगत सलामे, सुरेश दुग्गा, फकीर साय, जगलाल कोमरे सहित अन्य समर्थक मौजूद रहे।
दूसरी ओर, मुख्य शिकायतकर्ता विवेक कुमार सिंह भी सुनवाई के लिए पहुंचे और समिति के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान उन्होंने 86 पृष्ठों के अतिरिक्त दस्तावेज और कानूनी आधार समिति के समक्ष प्रस्तुत किए। उनका दावा है कि इससे पहले भी 100 से अधिक दस्तावेज समिति को सौंपे जा चुके हैं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि अनावेदिका द्वारा बचाव में मुख्य रूप से उनके पिता के सेवा अभिलेख (सर्विस रिकॉर्ड) और जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए गए हैं, जो उनके अनुसार किसी व्यक्ति की जाति का कानूनी प्रमाण नहीं माने जा सकते। उन्होंने यह भी दावा किया कि सेवा अभिलेखों से उनके पिता का मूल राज्य ओडिशा होना परिलक्षित होता है तथा वर्ष 2018 के ग्राम सभा मोहला के प्रस्ताव से जुड़े अभिलेख ग्राम पंचायत में उपलब्ध नहीं हैं। शिकायतकर्ता ने अपने पक्ष में विभिन्न न्यायालयीन निर्णयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ये भी कहा कि कूटरचित कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने , ग्राम सभा की गलत दस्तावेद बनाने के कारण एफ आई आर की मांग किया हु साथ ही चार सौ बीस का मुकदमा उपरांत जेल की मांग और उनका जिला पंचायत सदस्य की सीट को रिक्त किया जाए।

हालांकि इन दावों की पुष्टि या सत्यता पर अंतिम निर्णय उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और लागू कानूनों के परीक्षण के बाद ही किया जाएगा।
सर्व आदिवासी समाज कार्यकारी अध्यक्ष तुला राम पिस्दा ने कहा कि समिति ने दोनों पक्षों की बात सुनी है , 12 से 15 दिनों में साक्ष्यों के अध्ययन उपरांत फैसला आने की पुष्टि हुई है। हमे उम्मीद है निष्पक्ष फैसला हमारे पक्ष में आयेगा। आज कोई फैसला नहीं आया है, ऐसे में नम्रता सिंह को बधाई देना ये अफवाह फैलाया और गुमराह किया जा रहा है।

सुनवाई के दौरान समिति ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। समिति की ओर से मौखिक रूप से बताया गया कि सभी दस्तावेजों के परीक्षण के बाद लगभग 12 से 15 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय सुनाया जा सकता है।

सुनवाई के दौरान क्षेत्र के कई सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें पूर्व आईजी डी.आर. आँचला, राज परिवार के लक्ष्मेंद्र शाह, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष तुलाराम पिस्दा, एम.आर. नायक, संजीत ठाकुर, ,रमेश हिड़ामें,अवध चुरेंद्र, सरजू राणा, रमेश आचला, भुनेश कुमेटी, राजेंद्र नेताम सहित गोंड एवं हल्बा समाज के अनेक पदाधिकारी और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल रहे।
दूसरी ओर नम्रता सिंह जैन के फैंस पेज व्हाट्सएप ग्रुप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बधाईयों का सिलसिला चलने लगा। मानो समिति का निर्णय उनके पक्ष में हो, क्या इस तरह बिना फैसला के खुशियां मनाना उचित है। क्या इससे क्षेत्रवासी दिग्भ्रमित होंगे? अंतिम निर्णय के पूर्व बधाईयों का सिलसिला बता रहा, मानो उन्हें पहले से ही निर्णय पता हो या उनके पक्ष में ही फैसला आने की पूर्ण उम्मीद हो।

अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की निगाहें उच्च स्तरीय छानबीन समिति के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

नम्रता सिंह जैन का पक्ष लेने की कोशिश की जा रही है, उनका पक्ष आते ही प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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