NBP NEWS/ मोहला, 19 अगस्त 2026 छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ के पदाधिकारियों एवं जिले के व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने 17 अगस्त 2026 को कलेक्टर कार्यालय मोहला पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2014 से समग्र शिक्षा के तहत संचालित व्यावसायिक शिक्षा में कार्यरत प्रशिक्षकों की लंबित समस्याओं और विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग की गई है।
संघ ने ज्ञापन में बताया कि छत्तीसगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2014 से व्यावसायिक शिक्षा का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 1,285 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न रोजगारपरक एवं कौशल आधारित ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें ब्यूटी एंड वेलनेस, एपरल, पावर, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन, रिटेल, ऑटोमोबाइल, एग्रीकल्चर, टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, आईटी, प्लंबिंग, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, बैंकिंग एंड फाइनेंस तथा हेल्थ केयर जैसे ट्रेड शामिल हैं।
संघ का कहना है कि व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद प्रशिक्षकों को मानदेय, सेवा सुरक्षा, अवकाश, भुगतान में देरी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगों में ये बिंदु शामिल
ज्ञापन में हरियाणा एवं दिल्ली की तर्ज पर व्यावसायिक प्रशिक्षकों को ₹38,100 प्रतिमाह सम्मानजनक मानदेय देने की मांग की गई है। साथ ही मानदेय में प्रत्येक वर्ष नियमित वेतनवृद्धि/इंक्रीमेंट का प्रावधान लागू करने की मांग रखी गई।
संघ ने तृतीय पक्ष/कंपनी आधारित व्यवस्था को समाप्त कर प्रशिक्षकों को विभागीय व्यवस्था में समायोजित करते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इसके अलावा PAB 2025-26 के अनुसार स्वीकृत ₹1,000 प्रतिमाह मानदेय वृद्धि की लंबित राशि के साथ ₹12,000 एरियर्स का भुगतान करने तथा 1,029 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के मई एवं जून माह के लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में नई निविदा में पूर्व से कार्यरत 1,029 प्रशिक्षकों को यथावत रखने, हेल्थ केयर ट्रेड के 121 अनुभवी व्यावसायिक प्रशिक्षकों का मानदेय ₹23,000 प्रतिमाह निर्धारित करने तथा लक्ष्य कंपनी द्वारा निकाले गए चार प्रशिक्षकों को पुनः सेवा में बहाल कर नौकरी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा PAB 2026-27 में व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए स्वीकृत/आवंटित राशि के अनुरूप पूर्ण मानदेय भुगतान, इंडस एवं ग्राम तरंग कंपनियों को निर्देशित कर प्रशिक्षकों की लंबित GL एवं IV राशि का तत्काल भुगतान कराने की मांग रखी गई है।
संघ ने 478 विद्यालयों में पिछले तीन वर्षों से संचालित व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति/पदस्थापना करने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण मिल सके।
महिला व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए मातृत्व अवकाश, सभी प्रशिक्षकों के लिए प्रतिवर्ष 20 दिवस आकस्मिक अवकाश (Casual Leave), निर्धारित समय पर हर माह मानदेय भुगतान और भुगतान में होने वाले अनावश्यक विलंब को समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
इसके साथ ही प्रशिक्षकों को गैर-व्यावसायिक एवं अनावश्यक कार्यों में नहीं लगाने, कार्य एवं दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित करने तथा छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन अवकाश की सुविधा देने की मांग की गई है।
संघ ने व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रशिक्षकों की समस्याओं के नियमित निराकरण के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी समिति/व्यवस्था गठित करने की भी मांग की है।
ज्ञापन सौंपते हुए संघ ने प्रशासन से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की, ताकि प्रदेश में संचालित व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कौशल एवं रोजगारपरक शिक्षा निरंतर मिलती रहे।
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