जिले के चिल्हाटी थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई जब मोगरा बांध के उलट क्षेत्र में मछली पकड़ने गए ग्रामीणों को इंसान का नरकंकाल मिला। करीब आठ माह पुराने इस मामले में मृतक की पहचान टेकाबदर थाना कोरची महाराष्ट्र निवासी 60 वर्षीय सदाराम यादव के रूप में हुई है, जो पिछले साल सितंबर माह से लापता थे।
जानकारी के अनुसार ग्राम भुरभूसी के मछुवारे गुरुवार शाम मोगरा बांध के कैचमेंट क्षेत्र में मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान पानी कम होने से पेड़ की जड़ों में फंसे इंसानी अवशेष दिखाई दिए। कंकाल को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पूर्व जनपद सदस्य फत्तेसाय किरांगे को दी।
शुक्रवार सुबह फत्तेसाय किरांगे गांव के कोतवाल और पटेल मौके पर पहुंचे, जिसके बाद चिल्हाटी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल पहुंचकर अलग-अलग स्थानों पर पड़े मानव अवशेषों को एकत्र किया। बताया जा रहा है कि कमर से घुटने तक का हिस्सा पेड़ की जड़ों में फंसा मिला, जबकि कुछ दूरी पर सिर सहित अन्य अंग बिखरे पड़े थे। आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय तक पानी में रहने और जंगली जानवरों व मछलियों द्वारा नोचे जाने के कारण शव पूरी तरह कंकाल और अलग अलग हिस्सों में बट गया ।
पुलिस ने गुमशुदगी सूची के आधार पर महाराष्ट्र के टेकाबदर गांव से संपर्क किया। सूचना मिलने पर मृतक का बेटा सालिक राम यादव मौके पर पहुंचा। उसने लाल बनियान और चड्डे के आधार पर अपने पिता सदा राम यादव की पहचान की।
परिजनों के मुताबिक सदा राम यादव 25 सितंबर 2025 को गाय चराने घर से निकले थे। उसी दिन क्षेत्र में तेज बारिश हुई थी। आशंका है कि बाढ़ के दौरान वे नदी में बह गए और उनका शव बहते हुए छत्तीसगढ़ के मोगरा जलाशय तक पहुंच गया।
पहचान की पुष्टि होने के बाद चिल्हाटी पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई कर नरकंकाल को पोस्टमार्टम के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
उकताशय की पुष्टि जांच अधिकारी ए एस आई मयाराम नेताम ने की है
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