NBP NEWS/ मोहला, 15 मई 2026। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से “ज्ञान भारतम्” नामक महत्त्वाकांक्षी राष्ट्रीय योजना प्रारंभ की गई है। इस अभियान के माध्यम से देशभर में विद्यालयों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों तथा निजी संग्रहों में सुरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों (हस्तलिखित ग्रंथों) का अन्वेषण, संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जाएगा।
योजना का मुख्य उद्देश्य सदियों पुराने ज्ञान, साहित्य, इतिहास, विज्ञान, दर्शन एवं भारतीय परंपराओं से जुड़ी दुर्लभ पांडुलिपियों को सुरक्षित कर उन्हें डिजिटल माध्यम से आमजन तक पहुँचाना है। इससे न केवल देश की सांस्कृतिक विरासत संरक्षित होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्राचीन ज्ञान से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
“ज्ञान भारतम्” अभियान के अंतर्गत विभिन्न संस्थानों और निजी संग्राहकों के पास उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके बाद विशेषज्ञों की सहायता से उनके संरक्षण एवं डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी ताकि यह अमूल्य धरोहर लंबे समय तक सुरक्षित रह सके।
ज्ञानभारतम् (मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी) की नोडल अधिकारी शुभांगी गुप्ता ने आम नागरिकों, शिक्षण संस्थानों एवं पांडुलिपि संग्राहकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने का राष्ट्रीय प्रयास है, जिसमें समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपि, ग्रंथ या दस्तावेज उपलब्ध हों, तो वे सर्वेक्षण कार्य में सहयोग प्रदान कर इस अभियान को सफल बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
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