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जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में अवैध लकड़ी परिवहन पर डी एफ ओ दिनेश पटेल (वन विभाग) की बड़ी कार्रवाई

NBP NEWS/ मोहला, 21 मई 2026
जिले के वनांचल क्षेत्रों में इन दिनों बड़े पैमाने पर अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन का मामला लगातार सामने आ रहा है। एक ओर जहां भीषण गर्मी के बीच जिले का तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है और सरकार “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लकड़ी ठेकेदार मोटे मुनाफे के लालच में जंगलों और खेतों से बिना वैध अनुमति के हजारों पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहे हैं। इससे वन संपदा और पर्यावरणीय को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

इसी कड़ी में वन विभाग अंबागढ़ चौकी ने बुधवार रात अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेमल लकड़ी से भरे एक वाहन को जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिलने पर डीएफओ दिनेश पटेल के निर्देशन में वन विभाग अंबागढ़ चौकी की टीम ने बांधाबाजार क्षेत्र में घेराबंदी कर वाहन क्रमांक CG 07 BS 3504 को पकड़ा। वाहन में भारी मात्रा में सेमल लकड़ी लोड थी, जिसे ग्राम हाड़ीटोला से उतई (दुर्ग) ले जाया जा रहा था।

वन विभाग ने वाहन को कब्जे में लेकर अंबागढ़ चौकी डिपो में खड़ा कर दिया है। प्रारंभिक जांच में परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। हालांकि वाहन चालक के पास ग्राम पंचायत सरपंच की सील और हस्ताक्षर युक्त एक अनापत्ति प्रमाण पत्र मिला, लेकिन उसमें न तो वाहन क्रमांक का उल्लेख था और न ही लकड़ी की प्रजाति एवं संख्या दर्ज थी। इसके चलते दस्तावेज को अपूर्ण और संदिग्ध माना गया। दस्तावेज के अनुसार लकड़ी रमन मंडावी ग्राम हाड़ीटोला निवासी की है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश कश्यप ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना के आधार पर बांधाबाजार से लकड़ी से भरी बड़ी माजदा वाहन को जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सेमल वृक्ष की कटाई के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) की अनुमति आवश्यक होती है, जो इस मामले में उपलब्ध नहीं पाई गई। वन विभाग द्वारा वाहन चालक और उसके सहयोगियों के विरुद्ध पंचनामा तैयार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सरपंचों को जिले से बाहर लकड़ी ट्रांसपोर्टिंग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं है। 

उन्होंने बताया कि संबंधित स्थान का मौका मुआयना किया जाएगा। यदि लकड़ी राजस्व भूमि से काटी गई पाई जाती है तो प्रकरण राजस्व विभाग को सौंपा जाएगा, जबकि वन भूमि से कटाई की पुष्टि होने पर वन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वन परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश कश्यप ने अवैध लकड़ी तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि वनों का अवैध दोहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि हाल ही में अंबागढ़ चौकी रेंज में पदभार संभालने वाले वन परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश कश्यप से क्षेत्रीय लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। लंबे समय से क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से तस्करों के हौसले बुलंद थे। अब देखना होगा कि वन विभाग क्षेत्र में चल रही बड़े पैमाने की अवैध कटाई पर कितनी प्रभावी रोक लगा पाता है। पूर्व में सैकड़ों ट्रक अवैध लकड़ियां परिवहन हुई हैं जिसमें प्रमुख रूप से सेमल, कहुआ, आम, जामुन और रिया जैसे अन्य प्रजातियां शामिल रही हैं।

सरपंच के कार्यप्रणाली पर उठा सवाल
ग्राम पंचायत हाड़ीटोला सरपंच ने अनापत्ति प्रमाण पत्र पर सेमल लकड़ी कटाई की अनुमति दे दी जो कि उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। प्रमाण पत्र में सरपंच ने न तो पेड़ की प्रजाति व उनकी संख्या लिखी बस सील व हस्ताक्षर कर प्रमाण पत्र जारी किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि किन कारण वश बिना किसी निरीक्षण के पत्र जारी किया वो भी अनुविभागीय दंडाधिकारी को जानकारी दिए।

परिवहन कर रहे वाहन की फिटनेस है खराब
प्राप्त जानकारी के अनुसार सेमल लकड़ी ले कर जा रही वाहन क्रमांक CG 07 BS 3504 की फिटनेस एक्सपायर है। ऐसे में क्या परिवहन विभाग कार्यवाही करेगी?


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