मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
जिला में सुशासन और पारदर्शिता को लेकर चलाए जा रहे अभियान के बीच मोहला जनपद पंचायत से भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दैनिक छत्तीसगढ़ राजधानी रिपोर्टर की खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया और जनपद पंचायत मोहला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रांजल प्रजापति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन ने ग्राम पंचायत कंदाड़ी में फर्जी बिल भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले का खुलासा कर दिया।
जांच में सामने आया कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर संदिग्ध भुगतान किए गए, जबकि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख जांच टीम को उपलब्ध ही नहीं कराए गए। इतना ही नहीं, विभाग द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब भी पंचायत सचिव द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए पंचायत विभाग ने तत्काल प्रभाव से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
सचिव भूषण लाल जुरेशिया निलंबित
प्रकरण में ग्राम पंचायत कंदाड़ी के सचिव भूषण लाल जुरेशिया को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम 4(1) के तहत लोकहित में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत मोहला निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
सरपंच पर भी गिरी गाज, ₹99,600 की रिकवरी
जांच रिपोर्ट में सरपंच की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों के आधार पर सरपंच के खिलाफ ₹99,600 की रिकवरी निर्धारित की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है।
“भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं” — सीईओ प्रांजल प्रजापति
मुख्य कार्यपालन अधिकारी मोहला प्रांजल प्रजापति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंचायतों में वित्तीय अनुशासन से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
सीईओ के इस सख्त रुख से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सुशासन तिहार के दौरान प्रशासन भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पंचायतों में बढ़ी हलचल
कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग और स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सुशासन तिहार के दौरान हुई इस कार्रवाई को सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस नीति” का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। ग्रामीणों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है और लोग दोषियों पर सख्त दंड की मांग कर रहे हैं।
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