पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कृषि विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच कथित विवाद का एक ऑडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है। जिसकी खबर एन बी पी न्यूज में भी प्रमुखता से प्रकाशित हुई है, अब इस मामले में नया मोड़ आया है। ऑडियो में शामिल रहे ग्रामीणों ने लिखित तौर पर इस पूरे मामले से यू टर्न मारा है और खबर का जोरदार खंडन किया है।
अधिकारियों ने कभी दुर्व्यवहार नहीं किया - राजू राम
ग्राम नेडगांव निवासी राजू राम पिता बिरझु राम गोंड ने शुक्रवार ,9 अप्रैल को सार्वजनिक रूप से एक लिखित सूचना जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में 4 अप्रैल को हुए वायरल ऑडियो में किए जा रहे दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। राजू राम के अनुसार कृषि विभाग के किसी भी अधिकारी ने उनके साथ कोई अभद्र व्यवहार या दुर्व्यवहार नहीं किया है। उन्होंने विभाग या किसी अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। उन्हें समय-समय पर शासन की कृषि योजनाओं का सुचारू रूप से लाभ मिल रहा है।
राजू राम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं सोशल मीडिया ग्रुप्स में प्रसारित हो रहे इस ऑडियो और वीडियो का पूर्ण रूप से खंडन करता हूँ।
थान सिंह पोटाई ने भी दावों को नकारा
इसी क्रम में, ग्राम नेडगांव के ही एक अन्य ग्रामीण थान सिंह पोटाई पिता रामनाथ पोटाई ने 5 अप्रैल को लिखित स्पष्टीकरण जारी किया। थान सिंह ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के साथ उनका कोई वाद-विवाद नहीं हुआ है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि किसी भी अधिकारी ने मेरे साथ गलत व्यवहार नहीं किया है और न ही मुझे विभाग से कोई परेशानी है। मुझे विभागीय योजनाओं का लाभ नियमित रूप से मिल रहा है। यदि कहीं कोई ऑडियो वायरल हो रहा है, तो जनसाधारण उसे अनदेखा करें। मैं इस वायरल खबर का पूरी तरह खंडन करता हूँ।
क्या है मामला
जी पी धुर्वे वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी मानपुर फोन ने माध्यम से किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया था जिसकी ऑडियो सोशल मीडिया में बीते शनिवार से वायरल हो रही थी। जिसपर ग्रामीणों ने एन बी पी न्यूज के समक्ष आ कर अपनी व्यथा बताई थी और कलेक्टर मोहला से इसकी शिकायत की बात कही थी किन्तु लगभग एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद आज पर्यंत किसानों ने कोई लिखित शिकायत नहीं की है। दूसरी ओर किसानों ने ऑडियो और खबर की लिखित रूप से खंडन कृषि अधिकारी दी है।
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