NBP NEWS/ मोहला, 05 अप्रैल 2026 आदिवासी समाज द्वारा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और परंपराओं के संरक्षण का अनूठा उदाहरण मटेवा सर्कल अंतर्गत ग्राम गिधाली में आयोजित मरका पंडुम एवं परिचय सम्मेलन मे देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी ने कहा कि फल-फूल प्रकृति और ईश्वर का अनमोल वरदान हैं, जिनका उपयोग करने से पहले उन्हें प्रकृति शक्ति को अर्पित करना आदिवासी समाज की प्राचीन परंपरा है। यह परंपरा समाज की प्रकृति के प्रति गहरी आस्था और कृतज्ञता को दर्शाती है।
उन्होंने गोंड समाज के समृद्ध इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि मरका पंडुम पर्व में नई फसलों और फलों को आराध्य देवी-देवताओं को अर्पित करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए नई पीढ़ी को शिक्षित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में गोंड समाज के संभाग अध्यक्ष मोहन हिड़को, तुलसी राम मरकाम, सुरेश दुग्गा, नोहर कुमेटी, पूर्णानंद नेताम, लक्ष्मी बाई कोला, कपिल कोमरे, संतु राम मरकाम, घनश्याम टेकाम, बल्लू राम कुमेटी, जंत्री बाई मरकाम, पद्मनी पौसार्य, अहिल्या बाई सोरी, सुभद्रा नेताम और श्याम सिंह कौड़ों सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।
सामाजिक रीति-नीति के संरक्षण का संकल्प
सम्मेलन को संबोधित करते हुए तुलसी राम मरकाम, पूर्णानंद नेताम, सुरेश दुग्गा और मोहन हिड़को ने एक स्वर में समाज की परंपराओं और रीति-नीतियों को संरक्षित रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाकर रखना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। वर्तमान समय में बढ़ते भौतिकवाद के बीच प्रकृति संरक्षण एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसे मिलकर संभालना आवश्यक है।
उत्सव के साथ सामाजिक एकता का संदेश
मरका पंडुम केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज को संगठित करने का माध्यम भी है। इस दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिससे पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहा। विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। आम, तेंदू, चार, चिरौंजी और महुआ जैसे वन उपज को आराध्य देव बुढ़ा देव को अर्पित किया गया।
संगठित समाज से ही विकास संभव
विधायक मंडावी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की एकता ही विकास का आधार है। उन्होंने चेताया कि कुछ असामाजिक तत्व समाज को भ्रमित कर इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं और अपने स्वार्थ के लिए लोगों को भटका रहे हैं। उन्होंने समाज के कमजोर और अशिक्षित वर्ग को जागरूक करते हुए ऐसे तत्वों का विरोध करने की अपील की।
क्षेत्र में आदिवासी गोंड समाज में पनपी दोहरी विचारधारा :
लगभग तीन सालों से मोहला मानपुर अं चौकी जिले में क्षेत्र की सबसे बड़ी गोंड समाज अपने ही दो अलग अलग विचारधारा में बंटकर कमजोर हुई है। लोगों के शादी ब्याह टूट रहे हैं लगातार पुलिस कंप्लेंट भी हो रही है। छट्टी - मरनी जैसे कार्यक्रमों में आने - जाने से रोका जा रहा है। ऐसे में जरूरत है एक सच्चे नेता की जो दो विचारधारा को मिटा कर एकजुट कर पाए। क्या विधायक इंद्रशाह मंडावी समाज को एकजुट करने में अपनी भूमिका निभाएंगे, शांति प्रिय क्षेत्र में फैली अशांति को मिटा पाएंगे ? क्या विधायक मंडावी वो उम्मीद बन पाएंगे ? या आसामाजिक तत्वों से दूर रहने की हिदायत मात्र देंगे ? क्या एकजुटता के लिए काम कर रही समन्वय समिति का समर्थन करेंगे या विरोध ? जनता परेशान है, भाई - भाई में दूरियां आ चुकी है युवाओं का भविष्य अंधकार में है, कहीं मणिपुर जैसे हलात इस क्षेत्र का न हो ऐसा लोगो में कयास है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण और शिक्षा के प्रसार के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
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