Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

NBP NEWS की खबर का असर: ग्राम पंचायत वासड़ी में कथित घोटाले की जांच के आदेश, एक सप्ताह में रिपोर्ट

NBP NEWS/ मोहला, 02 अक्टूबर 2026
ग्राम पंचायत वासड़ी में शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग, फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान और निष्कासित रोजगार सहायक से जुड़ी फर्म को लाखों रुपये जारी किए जाने के मामले में NBP NEWS की खबर का बड़ा असर सामने आया है। खबर का संज्ञान लेते हुए जनपद पंचायत मोहला की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) शुभांगी गुप्ता ने मामले की विधिवत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्राम पंचायत वासड़ी में शासकीय राशि के कथित बंदरबांट को लेकर NBP NEWS द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। खबर में ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत की सरपंच मान बाई और सचिव संतोष गोटे पर लगाए गए आरोपों के साथ-साथ निष्कासित रोजगार सहायक संजय चोपड़े से कथित रूप से जुड़ी गीतांजलि मटेरियल सप्लायर नामक फर्म को विभिन्न निर्माण कार्यों के नाम पर किए गए भुगतान का मामला उठाया गया था। इसके अलावा पंचायत के लेजर में दर्ज अन्य भुगतानों, नकद आहरण और बिना GST नंबर वाले बिलों के आधार पर खरीदी को लेकर भी सवाल खड़े किए गए थे। लेकिन सचिव ने ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों की बात कही थी। 

CEO ने जारी किया जांच आदेश, चार सदस्यीय समिति गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत मोहला की CEO शुभांगी गुप्ता ने 02 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर संबंधित भुगतानों और कथित अनियमितताओं की जांच के लिए समिति गठित की है।

गठित जांच समिति
सोनसिंह दुर्गे — विकास विस्तार अधिकारी
दुर्गाराम गंगचेर — सहायक लेखाधिकारी
राजू रेमाड़े — सहायक लेखाधिकारी
विनोद सिंह ठाकुर — लेखापाल

जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, जांच समिति ग्राम पंचायत वासड़ी में प्रकाशित समाचार में उठाए गए कथित फर्जी भुगतान संबंधी आरोपों की जांच करेगी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत वासड़ी के सरपंच और सचिव को भी भेजी गई है।
सचिव ने कहा था- धरातल पर जांच करा लें, रिकवरी निकली तो भरपाई होगी

इससे पहले मामले को लेकर ग्राम पंचायत वासड़ी के सचिव संतोष गोटे ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि ग्राम पंचायत में विकास कार्य हुए हैं और धरातल पर जांच कराने पर कार्य पूर्ण पाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि जांच में रिकवरी निकलती है, तो उसकी भरपाई भी की जाएगी।

निष्कासित रोजगार सहायक से जुड़ी फर्म को भुगतान बना जांच का प्रमुख विषय

ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सवालों में सबसे प्रमुख मामला ग्राम पंचायत वासड़ी के पूर्व निष्कासित रोजगार सहायक संजय चोपड़े से कथित रूप से जुड़ी गीतांजलि मटेरियल सप्लायर नामक फर्म को किए गए भुगतान का है। पंचायत के लेजर में दर्ज जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान नाली निर्माण, प्राथमिक शाला भवन मरम्मत, शौचालय निर्माण, आहता निर्माण और सोखता गड्ढा निर्माण जैसे कार्यों के लिए इस फर्म को कुल 1,61,220 रुपये का भुगतान दर्ज है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ग्राम बंजारी में इस नाम से कोई फर्म संचालित नहीं है, जबकि पंचायत के बिलों में इसी गांव का पता दर्ज है। बिलों में GST नंबर नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। अब जांच समिति के समक्ष यह महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित फर्म का वास्तविक अस्तित्व क्या है, सामग्री की आपूर्ति हुई थी या नहीं और भुगतान नियमानुसार किया गया था या नहीं।

अन्य भुगतानों और निर्माण कार्यों की भी होगी जांच

मामले में आदर्श इलेक्ट्रिकल्स, यादव स्वीट्स, चंद्रेश ट्रेडर्स, जितेंद्र कंप्यूटर सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं व्यक्तियों को किए गए भुगतानों को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए थे। इनमें हैंडपंप मरम्मत, मोटर एवं पाइप खरीदी, मिठाई, बर्तन, निर्माण सामग्री, मजदूरी और धान खरीदी केंद्र के समतलीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।

ग्रामीणों ने मांग की थी कि केवल कागजी दस्तावेजों की जांच के बजाय निर्माण कार्यों का धरातल पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाए, ताकि भुगतान की गई राशि और वास्तव में किए गए कार्यों के बीच अंतर स्पष्ट हो सके। जांच समिति की रिपोर्ट से इन आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।


वहीं, CEO शुभांगी गुप्ता ने भी पूरे मामले की विधिवत जांच कराने और भ्रष्टाचार प्रमाणित होने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही थी। अब जांच समिति के गठन के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की औपचारिक शुरुआत हो गई है।

 एक सप्ताह में रिपोर्ट, अब जांच के निष्कर्षों पर टिकी निगाहें

ग्राम पंचायत वासड़ी में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच समिति के गठन के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें जांच प्रतिवेदन पर टिकी हुई हैं। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश के चलते मामले में जल्द तथ्य सामने आने की संभावना है।

जांच के दौरान यदि भुगतान में अनियमितता, फर्जी बिल या शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, फिलहाल आरोपों की पुष्टि होना शेष है और जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

NBP NEWS की खबर के बाद जांच के आदेश जारी होना जनसरोकार से जुड़े इस मामले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है। अब देखना होगा कि जांच समिति एक सप्ताह में क्या निष्कर्ष प्रस्तुत करती है और प्रशासन उन निष्कर्षों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई करता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ