रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र गए एक परिवार की नाबालिग बच्चियों के कथित दैहिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। मामले में मोहला थाना पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत दो अलग-अलग मामलों में जीरो FIR दर्ज कर संबंधित थाने को केस डायरी अग्रेषित की है।
मिली जानकारी के अनुसार, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले से एक परिवार महाराष्ट्र में बिल्डिंग निर्माण कार्य में रेजा-कुली मजदूरी के लिए गया था। वहां मजदूरी की बेहतर दर मिलने के बाद परिवार की ओर से नाबालिग बेटी और भतीजी को भी काम के लिए महाराष्ट्र बुलाया गया था।
बताया जा रहा है कि नाबालिग बच्चियां महाराष्ट्र में निर्माण स्थल पर काम कर रही थीं। इसी दौरान मजदूर ठेकेदार और एक अन्य युवक द्वारा अलग अलग नाबालिको के साथ कथित तौर पर दैहिक शोषण किए जाने की शिकायत सामने आई है। घटना की जानकारी जब बच्चियों की मां को हुई तो शिकायत करने संबंधित थाने तक पहुंची पर शिकायत नहीं लिखे जाने पर वह दोनों को लेकर वापस छत्तीसगढ़ आईं और मोहला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार, दोनों नाबालिग करीब तीन माह पहले महाराष्ट्र गई थीं। शिकायत के आधार पर मोहला थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए POCSO एक्ट के तहत दो अलग-अलग प्रकरणों में जीरो FIR दर्ज की है।
पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के बाद संबंधित घटनास्थल वाले महाराष्ट्र के थाना क्षेत्र को केस डायरी अग्रेषित कर दी है, ताकि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच संबंधित थाना पुलिस द्वारा की जा सके।
बताया जा रहा है कि ठेकेदार मजदूरों को छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र ले जाकर विभिन्न कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करवाते हैं। इसी सिलसिले में उक्त परिवार भी महाराष्ट्र गया था।आरोपित ठेकेदार और अन्य युवक जिला मोहला मानपुर और महाराष्ट्र से संबंधित हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने उकताशय की पुष्टि कर बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरो में मोहला थाना में एफ आई आर दर्ज कराई गई। पीड़िता हमारे जिले से है जो कि रोजगार के लिए महाराष्ट्र गई थी। नाबालिक पीड़िताओं के साथ शोषण हुआ है। वहां के स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। पीड़िता के बताए अनुसार केस दर्ज कर डायरी को संबंधित थाने में अग्रेषित किया गया है आगे महाराष्ट्र पुलिस कार्यवाही करेगी।
फिलहाल मामले में पुलिस की आगे की जांच और संबंधित महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है। नाबालिग पीड़ितों की पहचान कानूनी प्रावधानों के तहत गोपनीय रखी जा रही है।
0 टिप्पणियाँ