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कलेक्टर और व्यापारियों की बैठक से पहले मोहला में बढ़ी हलचल, सड़क चौड़ीकरण और दशहरा मैदान पर क्या होगा फैसला?

NBP NEWS/ मोहला/ प्रवेश कुमार 
30 सितंबर 
जिला मुख्यालय मोहला में सड़क चौड़ीकरण और दशहरा मैदान को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रशासन ने शहर के छोटे-बड़े व्यापारियों की बैठक बुलाई है। आज 30 सितंबर को दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर की अध्यक्षता में व्यापारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। जनपद पंचायत मोहला की ओर से जारी सूचना में जिला मुख्यालय के व्यापारी संघ सहित अन्य व्यापारियों को बैठक में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
हालांकि, बैठक का आधिकारिक एजेंडा फिलहाल स्पष्ट नहीं किया गया है। यही वजह है कि बैठक को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सड़क चौड़ीकरण, नाली निर्माण, प्रभावित दुकानों के पुनर्व्यवस्थापन और दशहरा मैदान से जुड़े विषयों को लेकर लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या इन मुद्दों पर प्रशासन और व्यापारियों के बीच बातचीत होगी। या कोई सरकारी योजनाओं को लेकर बैठक होगी।

कल कलेक्टर की बैठक में क्या उठेगा दशहरा मैदान का मुद्दा? एजेंडा स्पष्ट नहीं, लेकिन चर्चाएं तेज

पहला पक्ष — व्यापारियों की मांग और सड़क चौड़ीकरण का मामला :
सड़क चौड़ीकरण के चलते दशहरा मैदान से लगे कुछ व्यापारियों के प्रभावित होने की स्थिति में उन्हें मैदान के पीछे जगह दिए जाने की चर्चा है। आज कलेक्टर की ओर से मोहला के व्यापारियों को बैठक के लिए बुलाया गया है, हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि सड़क चौड़ीकरण, नाली निर्माण और प्रभावित दुकानों के पुनर्व्यवस्थापन जैसे मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। व्यापारियों के साथ पिछले कुछ समय में कई बार बैठकें होने की बात भी सामने आई है।

दूसरा पक्ष — मैदान बचाने की मांग, कई पक्षों की सामूहिक आपत्ति:
दूसरी ओर दुर्गा समिति मोहला, मेला-मंडई समिति मोहला, ग्राम पटेल, समस्त खिलाड़ीगण और पूरे ग्रामवासी वर्तमान दशहरा मैदान की जमीन व्यापारिक प्रयोजन के लिए दिए जाने को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन पक्षों की ओर से कुछ दिन पहले कलेक्टर को पत्र देकर मांग की गई है कि नया मैदान बनाए और पूरी तरह तैयार किए बिना वर्तमान दशहरा मैदान की जमीन किसी भी व्यापारिक प्रयोजन के लिए न दी जाए। यह मांग ग्रामसभा के 2 सितंबर 2025 के प्रस्ताव से भी जुड़ी हुई है, जिसमें लगभग 5 एकड़ का नया मैदान विकसित करने और वहां स्टेडियम तैयार करने की बात रखी गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज तक नए मैदान की जमीन और उसके निर्माण को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई है, जबकि वर्तमान मैदान के पीछे व्यापारियों को जगह दिए जाने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि खिलाड़ियों और मैदान प्रेमीयो ने नए मैदान के बाद ही दशहरा मैदान में जमीन देने की बात पर सहमति जताई थी। ऐसे में सवाल यह है कि क्या पहले नया मैदान और स्टेडियम तैयार किया जाएगा और उसके बाद ही वर्तमान मैदान के संबंध में कोई निर्णय होगा? साथ ही आज की बैठक में केवल व्यापारियों की बात होगी या दुर्गा समिति मोहला, मेला-मंडई समिति मोहला, ग्राम पटेल, समस्त खिलाड़ीगण और पूरे ग्रामवासियों की आपत्तियों और मांगों पर भी चर्चा होगी?

सड़क चौड़ीकरण पर व्यापारियों के बीच भी अलग-अलग मत; बड़े और छोटे व्यापारियों की परिस्थितियां अलग

पहला पक्ष — सड़क की चौड़ाई और व्यापारियों की अलग-अलग राय:
सड़क निर्माण की प्रारंभिक योजना में मुख्य सेंटर लाइन से दोनों ओर 12-12 मीटर की नापी की गई थी और उसी आधार पर सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़नी थी। इसी बीच कुछ व्यापारियों की ओर से सड़क की इतनी अधिक चौड़ाई को लेकर आपत्ति सामने आने लगी, क्योंकि इससे उनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों के प्रभावित होने की बात कही गई। स्थानीय चर्चा के अनुसार व्यापारियों के बीच भी इस मुद्दे पर एकमत नहीं है। बड़े और छोटे व्यापारियों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। बड़े व्यापारियों के लिए भविष्य में दुकान या प्रतिष्ठान का पुनर्निर्माण करना अपेक्षाकृत संभव हो सकता है, जबकि सीमित पूंजी के साथ व्यापार करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए बार-बार दुकान तोड़कर दोबारा निर्माण करना बड़ा आर्थिक बोझ हो सकता है।

दूसरा पक्ष — छोटे व्यापारियों की मांग, सूचना और प्रतिनिधित्व का सवाल:
स्थानीय स्तर पर कई छोटे व्यापारियों की यह राय बताई जा रही है कि सड़क की जितनी भी चौड़ाई तकनीकी रूप से तय करनी है, उसे एक बार स्पष्ट रूप से तय कर निर्माण पूरा किया जाए, ताकि उन्हें बार-बार दुकानें तोड़ने और पुनर्निर्माण की स्थिति से न गुजरना पड़े। साथ ही यह चर्चा भी है कि मोहला में 300 से अधिक व्यापारी होने के बावजूद बैठकों में अक्सर वही 20-30 व्यापारी ही दिखाई देते हैं। अन्य व्यापारियों का कहना है, कि उन्हें कई बार न तो बैठक की सूचना मिलती है और न ही उनकी राय लेने का अवसर मिल पाता है। खास बात यह है कि ग्राम पंचायत मोहला द्वारा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मुनादी के माध्यम से लोगों को सूचना दी जाती रही है, ऐसे में व्यापारियों के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी व्यापारियों तक समान रूप से सूचना क्यों नहीं पहुंचती, यह भी सवाल है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि यदि अलग-अलग मत रखने वाले व्यापारियों की पर्याप्त संख्या बैठक में मौजूद हो, तो तस्वीर अलग दिखाई दे सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीमित संख्या में मौजूद व्यापारियों की राय को पूरे व्यापारी वर्ग की राय माना जा सकता है? क्या छोटे व्यापारियों की वास्तविक आर्थिक समस्याएं और उनकी राय भी प्रशासन तक उसी मजबूती से पहुंच रही हैं?

फैसले का असर पूरे मोहला को भुगतना पड़ सकता है सड़क और मैदान के फैसले में आम नागरिक की आवाज कहां?;

पहला पक्ष — सड़क की चौड़ाई का असर आम नागरिकों पर:
सड़क की चौड़ाई को लेकर चल रही चर्चा केवल व्यापारियों की दुकानों और उनके नुकसान तक सीमित नहीं है। यदि सड़क की चौड़ाई भविष्य की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं रखी जाती और आने वाले वर्षों में यातायात बढ़ने के साथ दोबारा चौड़ीकरण की आवश्यकता पड़ती है, तो इसका असर पूरे मोहला पर पड़ेगा। सड़क पर जाम, आवागमन में परेशानी और बार-बार होने वाले निर्माण कार्यों का सामना रोजाना आने-जाने वाले आम नागरिकों को करना पड़ेगा। वहीं यदि सड़क की जरूरत के अनुसार पर्याप्त चौड़ाई रखी जाती है, तो आज लिया गया निर्णय आने वाले लंबे समय तक मोहला की यातायात व्यवस्था को प्रभावित करेगा।

दूसरा पक्ष — दशहरा मैदान का सवाल और आम नागरिक की चिंता:
इसी तरह यदि दशहरा मैदान का कोई हिस्सा व्यापारिक प्रयोजन के लिए चला जाता है और मैदान का क्षेत्रफल कम होता है, तो इसका असर केवल व्यापारियों या किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा। मोहला का यह मैदान दशहरा महोत्सव, मेला-मंडई, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक आयोजनों से जुड़ा सार्वजनिक स्थान है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहा है कि सड़क और मैदान जैसे पूरे मोहला के भविष्य से जुड़े फैसलों में क्या केवल व्यापारियों की राय पर्याप्त होगी, या ग्राम पटेल, समस्त खिलाड़ीगण, दुर्गा समिति मोहला, मेला-मंडई समिति मोहला और पूरे ग्रामवासियों सहित आम नागरिकों की राय भी सुनी जानी चाहिए? विकास ऐसा हो जिसमें आज किसी एक पक्ष की समस्या का समाधान हो, लेकिन कल पूरे मोहला को सड़क, यातायात या सार्वजनिक मैदान जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े।

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