जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने और बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 27 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मिशन शक्ति एवं मिशन वात्सल्य की गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला भी आयोजित की गई।
बाल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की हुई समीक्षा
बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से संचालित विभिन्न गतिविधियों की एजेंडावार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बाल संरक्षण से संबंधित कार्यों, बच्चों की सुरक्षा तथा उनके अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बाल संरक्षण तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक कदम उठाना रहा।
बाल विवाह उन्मूलन के लिए दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह की रोकथाम और इसके प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के अंतर्गत उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाल विवाह उन्मूलन की शपथ दिलाई।
कार्यशाला के माध्यम से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने तथा बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में कलेक्टर तनुजा सलाम, जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) समीर सौरभ, जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) कुंजन पांडेय, जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैल टांक सदस्यगण सपना, मंजुला , गणवीर , त्रिपाठी और किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के सदस्य, जिले के अन्य विभागों के अधिकारी तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से बाल संरक्षण से जुड़े विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने और जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता एवं प्रभावी कार्रवाई की दिशा में प्रयासों को गति देने पर जोर दिया गया।
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