Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

चुम्मन निषाद के निधन के बाद व्यापारी समाज की एकजुटता पर उठे सवाल, सोशल संदेश में जताई गई नाराजगी


NBP NEWS / मोहला/10 सितंबर 

जिला मुख्यालय मोहला के व्यापारी समाज से जुड़े चुम्मन निषाद (इलेक्ट्रिक दुकान) के निधन के बाद व्यापारी समाज की एकजुटता और संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। 9 सितंबर को हुए उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में व्यापारी समाज से आत्ममंथन करने और भविष्य में ऐसे अवसरों पर एकजुट होकर दिवंगत के परिवार के साथ खड़े होने की अपील की गई है।

संदेश में कहा गया है कि एक व्यापारी साथी के निधन के बावजूद अपेक्षित संख्या में व्यापारी अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो सके। साथ ही, बाजार में दुकानें बंद कर सामूहिक रूप से श्रद्धांजलि देने की परंपरा और व्यापारी एकता को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।

क्या व्यापारी रिश्ते सिर्फ कारोबार तक सीमित हैं?

जारी संदेश में सवाल उठाया गया है कि क्या व्यापारी समाज के रिश्ते केवल दुकान, ग्राहक, पैसा और मुनाफे तक सीमित रह गए हैं? संदेश में कहा गया कि जिस व्यक्ति ने वर्षों तक मोहला के बाजार का हिस्सा बनकर व्यापार किया, उसकी अंतिम यात्रा में व्यापारियों की पर्याप्त सहभागिता नहीं होना चिंतन का विषय है।

संदेश में यह भी कहा गया है कि आज एक व्यापारी साथी का निधन हुआ है, कल ऐसी स्थिति किसी अन्य व्यापारी परिवार के सामने भी आ सकती है। ऐसे समय में समाज और बाजार के साथी यदि परिवार के साथ खड़े हों तो इससे दुख की घड़ी में परिजनों को संबल मिलता है।

मतभेद हो सकते हैं, लेकिन दुख में साथ खड़ा होना जरूरी

व्यापारी समाज के नाम जारी अपील में कहा गया है कि व्यापार में प्रतिस्पर्धा और आपसी मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी साथी के निधन जैसे दुखद अवसर पर सभी मतभेदों से ऊपर उठकर परिवार के साथ खड़ा होना सामाजिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

संदेश में भविष्य के लिए सुझाव दिया गया है कि यदि किसी व्यापारी साथी के परिवार में ऐसी दुखद घटना होती है तो व्यापारी सामूहिक रूप से दुकानें बंद कर श्रद्धांजलि दें, अंतिम यात्रा में शामिल हों और शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हों।

“इंसान के दुख में खड़ा होना ही समाज की असली पहचान”

अपील में कहा गया है कि दुकान और पैसा जीवनभर साथ नहीं जाते, लेकिन किसी इंसान के दुख में खड़ा होना ही समाज की वास्तविक पहचान है। इसी के साथ मोहला के व्यापारी समाज से अपनी संवेदनशीलता और एकजुटता को लेकर गंभीरता से विचार करने की अपील की गई है।

अंत में स्वर्गीय चुम्मन निषाद को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ