जिला मुख्यालय मोहला की जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कों को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क सुधार की कवायद तेज कर दी है। बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव और गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों सहित आम लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए विभाग ने मुख्यालय की सड़क को जल्द समतल करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
PWD की कार्यपालन अभियंता ऋतु खरे ने बताया कि सड़क की स्थिति को लेकर विभाग लगातार काम कर रहा है। सड़क पर समय-समय पर मशीनों के माध्यम से लेवलिंग और ग्रेडिंग का कार्य किया जा रहा था। वर्तमान में सड़क ठेकेदार द्वारा जिला मुख्यालय की सड़क को उखाड़ने (मिलिंग) का कार्य शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि लगभग दो दिनों में मुख्यालय की सड़क को उखाड़कर एक समान लेवल में लाने की कवायद पूरी कर ली जाएगी। इससे सड़क पर बने गड्ढों की समस्या कम होगी और लोगों की आवाजाही पहले की तुलना में सुगम हो सकेगी।
सड़क के साथ जल निकासी की समस्या का भी होगा समाधान
PWD ईई ऋतु खरे ने बताया कि मुख्यालय की सड़कों पर जलभराव की एक बड़ी वजह सड़क के दोनों ओर नालियों का नहीं होना है। बारिश के दौरान पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे गड्ढों की समस्या और गंभीर दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि नालियों के निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद इसके लिए भी कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नाली निर्माण होने के बाद भविष्य में बारिश के पानी की निकासी बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे सड़क पर जलभराव की समस्या से भी राहत मिल सकेगी।
बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, लोगों को होती है परेशानी
गौरतलब है कि बारिश के दिनों में मोहला जिला मुख्यालय की कई सड़कों पर पानी जमा होने से सड़क और गड्ढों का अंतर करना मुश्किल हो जाता है। विशेषकर बाइक और स्कूटी से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पानी के नीचे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालकों के अचानक अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। वहीं स्कूल-कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों को भी जलभराव वाली सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी ड्रेस तक खराब होने की स्थिति बनती है।
चार साल बाद भी मुख्यालय की सड़कें बनीं चुनौती
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के गठन के बाद जिला मुख्यालय मोहला से बेहतर और व्यवस्थित बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद बढ़ी थी। लेकिन सड़क और जल निकासी की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
सड़कों की बदहाली को लेकर पूर्व में स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन और जनआंदोलन भी हो चुके हैं। ऐसे में अब PWD द्वारा सड़क को जल्द समतल करने और जल निकासी के लिए नालियों के निर्माण की दिशा में उठाए जा रहे कदम से लोगों को राहत की उम्मीद है।
पलटन ग्रुप मोहला ने लड़ी सड़क की लड़ाई
बदहाल सड़क की स्थिति को देखते हुए पलटन ग्रुप मोहला के ऑफिशियल व्हाट्सएप्प ग्रुप पर आगामी दो सितम्बर को विरोध प्रदर्शन की कर रहे थे तैयारियां। पक्ष विपक्ष से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील कर रहे थे। पलटन की तैयारी को देखते हुए PWD विभाग ने मुख्यालय की काम में तेजी लाई है, साथ ही दो दिनों में काम पूरी करने के आश्वासन के बाद पलटन ने अपनी रैली विरोध प्रदर्शन को स्थगित किया है। ज्ञात हो कि पलटन ग्रुप जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी की वही चर्चित युवाओं की टोली है, जो पिछले वर्ष जर्जर - गड्ढेंदार सड़क के मामले में ही अनोखे अंदाज में "मै भी हु जिम्मेदार" कैम्पिंग के तहत सुर्खियां बटोरी थी। सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, सरपंच जैसे जनप्रतिनिधियो का मुखौटा लगाकर और व्यापारियों को तिलक लगाकर मैं भी जिम्मेदार का फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। इनका विरोध इतना अनोखा था कि राष्ट्रीय अखबारों और टीवी चैनलों में अपना अलग स्थान बनाकर कर सुर्खियां बटोरी थी।
बड़ी सड़क परियोजना के साथ मुख्यालय की सड़क पर भी फोकस
राजनांदगांव से मोहला होते हुए मानपुर तक सड़क निर्माण की बड़ी परियोजना पर भी काम चल रहा है। हालांकि, नई सड़क परियोजना के पूरा होने में समय लगना स्वाभाविक है। ऐसे में जिला मुख्यालय की वर्तमान सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों को तत्काल राहत देना जरूरी है।
PWD द्वारा मौजूदा सड़क को उखाड़कर समतल करने की प्रक्रिया इसी दिशा में एक सुधारात्मक कदम माना जा रहा है। वहीं नालियों का निर्माण होने के बाद जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद भी बढ़ी है। मिलिंग के बाद सड़क पर कीचड़ बढ़ने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है।
अब निगाहें काम की गति और गुणवत्ता पर
फिलहाल विभाग ने सड़क को जल्द सुधारने की बात कही है। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि सड़क समतलीकरण का कार्य निर्धारित समय में कितना प्रभावी ढंग से पूरा होता है और आगे नाली निर्माण का काम कब तक जमीन पर उतरता है।
बारिश में गड्ढों और जलभराव से जूझ रहे मोहला के लोगों के लिए सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि सड़क सुधार की यह कवायद केवल अस्थायी राहत तक सीमित न रहकर लंबे समय के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित सड़क व्यवस्था का आधार बने।
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