लगातार जिले में शिक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पोल खुलते जा रही है। जर्जर भवन, पुस्तकों की अनुपलब्धता और शिक्षकों की लापरवाही।
बच्चों की शिक्षा व्यवस्विथाअपने कासखंड अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरसुर के आश्रित ग्राम बड़े कलकसा के ग्रामीणों ने शासकीय प्राथमिक शाला कलकसा में पदस्थ सहायक शिक्षक संकेत गुप्ता की कथित अनियमित उपस्थिति को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा 18 अगस्त 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित सहायक शिक्षक विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक कई दिनों तक अनुपस्थित रहते हैं, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उपस्थिति के दौरान भी कक्षा में बच्चों को अपेक्षित रूप से शिक्षण कार्य नहीं कराया जाता।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस संबंध में जब शाला समिति द्वारा शिक्षक से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा जिला मुख्यालय मोहला जाने की बात कही गई। ग्रामीणों ने दावा किया कि मामले की जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, अंबागढ़ चौकी तथा जिला शिक्षा अधिकारी, मोहला को भी दी गई है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सहायक शिक्षक को विद्यालय में नियमित रूप से पदस्थ रखकर उनकी उपस्थिति एवं शिक्षण कार्य सुनिश्चित कराया जाए अथवा आवश्यकता होने पर उन्हें किसी अन्य स्थान पर भेजा जाए, ताकि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो सके।
ग्रामीण चिंता राम सलामे ने आरोप लगाया कि सहायक शिक्षक संकेत गुप्ता सप्ताह में मात्र तीन दिवस स्कूल आते हैं। सोमवार से बुधवार स्कूल और गुरुवार से शनिवार जिला मुख्यालय में ड्यूटी देने की बात शिक्षक द्वारा जानकारी दी जाती है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि शिक्षक उपस्थित होने पर भी बच्चों को नहीं पढ़ाते हैं और मोबाइल चलाते रहते हैं।
जनदर्शन में पहुंचकर आवेदन दिए जिसपर कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जांच कर उचित कार्यवाही का आश्वाशन दिया है।
ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह सरकारी विद्यालय पर निर्भर है। ऐसे में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण बच्चों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। अगर प्रशासन उनके मांगो को पूरा नहीं करती है तो आगे आंदोलित होने को बाध्य होंगे।
हालांकि, शिक्षक संकेत गुप्ता की ओर से इस संबंध में कोई पक्ष या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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