छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के पदाधिकारियों ने बताया कि रैली की तैयारियों को लेकर 22 और 23 अगस्त को प्रत्येक जिले में TET से प्रभावित शिक्षकों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में आंदोलन की रणनीति और रैली की तैयारियों पर चर्चा होगी।
28 साल की सेवा के बाद TET अनिवार्य करने पर सवाल
शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में TET अनिवार्य नहीं था। ऐसे में नई प्रक्रिया के तहत लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को TET परीक्षा के दायरे में लाए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि कई शिक्षक 28 वर्ष तक की सेवा और अनुभव के बावजूद अब TET जैसी परीक्षा देने के लिए बाध्य हो रहे हैं। उनका कहना है कि पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए सेवा अनुभव और पूर्व नियमों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए।
‘प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की गारंटी’
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन ने शिक्षकों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मोर्चा ने कहा है कि TET से प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर वह पूरी तरह गंभीर है और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश संयोजकों ने कहा कि विभाग के अधिकारियों के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई है और शिक्षकों के हित में सकारात्मक पहल का भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना और उसे परिणाम तक पहुंचाना दो अलग विषय हैं, इसलिए सभी प्रभावित शिक्षकों को संगठित होकर रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा।
शिक्षा सचिव और DPI संचालक से हुई चर्चा
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह और लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी कार्ययोजना अधिकारियों के समक्ष रखी, जिस पर सकारात्मक पहल का भरोसा मिलने की बात कही गई है।
मोर्चा ने प्रदेश के शिक्षकों के लिए B.Ed. ब्रिज कोर्स कराए जाने की मांग भी रखी। बताया गया कि इस संबंध में SCERT को बैठक कर कार्ययोजना तैयार करने के लिए पहल करने का आग्रह स्वीकार किया गया है।
भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन की मांग
मोर्चा ने 13 फरवरी 2026 को जारी नई भर्ती एवं पदोन्नति नियमावली को शिक्षकों के लिए विसंगतिपूर्ण बताते हुए इसमें संशोधन की मांग रखी है। इसके अलावा पुरानी पेंशन का लाभ पूर्ण रूप से दिलाने के लिए पूर्व सेवा की गणना किए जाने की मांग भी अधिकारियों के समक्ष रखी गई।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने छत्तीसगढ़ के शिक्षक एवं कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर का वेतनमान दिए जाने तथा वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।
प्रदेशभर के पदाधिकारी होंगे शामिल
शिक्षक संघर्ष मोर्चा की बैठक एवं अधिकारियों से हुई चर्चा में प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन सहित सुधीर प्रधान, देवनाथ साहू, योगेश सिंह ठाकुर, चंद्रशेखर तिवारी, धर्मेश शर्मा, जितेंद्र शर्मा, गिरजा शंकर शुक्ला, ताराचंद जायसवाल सहित प्रदेशभर के पदाधिकारी एवं सहसंयोजक शामिल रहे।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में भी संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षकों से 25 अगस्त की ‘टेट मुक्ति रैली’ को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
संगठन का नारा है— “हमने दिलाया है, हम ही दिलाएंगे।” अब देखना होगा कि 25 अगस्त को प्रदेशभर में होने वाली शिक्षक रैली के बाद सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से TET से प्रभावित शिक्षकों के मुद्दे पर क्या निर्णय लिया जाता है।
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