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समन्वय समिति की पहल, गोंड़ समाज में एकजुटता की कोशिश तेज

NBP NEWS/ मोहला, 29 अप्रैल 2026
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में गोंड़ समाज के भीतर चल रहा आपसी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाज के दो पक्षों के बीच बढ़ती दूरी और सामाजिक परंपराओं में उत्पन्न व्यवधान को लेकर संभाग स्तरीय गोंड़ समाज समन्वय समिति ने चिंता जताई है और दोनों पक्षों से एकजुट होकर समाधान निकालने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी 2024 को तत्कालीन संभाग स्तरीय गोंड़ समाज अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह नेताम द्वारा समाज में एकीकरण के उद्देश्य से कुछ निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद से ही समाज के दो गुटों के बीच “बेटी-रोटी” और सामाजिक व्यवहार को लेकर विवाद शुरू हो गया, जिससे आपसी संबंधों में खटास आ गई और सामाजिक कार्यक्रमों में भी बाधाएं उत्पन्न होने लगीं।
विवाद को सुलझाने के लिए 15 मार्च 2026 को समन्वय समिति का गठन किया गया। इसके बाद 29 मार्च 2026 को दोनों पक्षों—प्रेमसिंह घावड़े और मोहन सिंह हिड़को—को बैठक में आमंत्रित किया गया। हालांकि इस बैठक में केवल प्रेमसिंह घावड़े पक्ष ही उपस्थित हुआ, जबकि मोहन सिंह हिड़को पक्ष अनुपस्थित रहा।
समिति ने पुनः 12 अप्रैल 2026 को बैठक बुलाकर दोनों पक्षों को आमंत्रित किया, लेकिन इस बार भी हिड़को पक्ष शामिल नहीं हुआ। लगातार अनुपस्थिति के चलते समिति ने आशंका जताई कि एक पक्ष द्वारा समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है और शादी, छठी, मरनी जैसे सामाजिक संस्कारों में बाधा उत्पन्न कर अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।
समिति ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में गौटानपार, आवरी महासभा का हिसाब-किताब अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। वहीं, अक्टूबर 2024 में प्रेमसिंह घावड़े के नेतृत्व में आयोजित अधिवेशन के दौरान महासभा गठन की प्रक्रिया भी दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति में ही पूरी करनी पड़ी थी।
गौरतलब है कि गोंड़ समाज का पंजीयन (क्रमांक 1439/93) पिछले 11-12 वर्षों से निष्क्रिय था, जिसे नवंबर 2024 में प्रेमसिंह घावड़े के नेतृत्व में नवीनीकृत कराया गया। इसके बाद से पंजीयन को लेकर कानूनी और सामाजिक विवाद और अधिक बढ़ गया।
विवाद के चलते समाज में कई बार तनाव की स्थिति भी बनी। सितंबर 2025 में चौकी थाना क्षेत्र, फरवरी 2026 में मरकाटोला (थाना मोहला) और महराडीह (थाना चिल्हाटी) सहित अन्य स्थानों पर हिंसक घटनाएं सामने आईं, जिनमें पुलिस प्रकरण भी दर्ज किए गए हैं और मामला विधानसभा तक पहुंचा।
पूर्व में भी लाल लक्ष्मेंद्र शाह पानबरस राज द्वारा दोनों पक्षों को एकजुट करने में लगातार कई अहम बैठके की गई ।

समन्वय समिति ने अपने प्रेस नोट में समाज के सभी सदस्यों से अपील की है कि वे पुरखों द्वारा बनाई गई सामाजिक परंपराओं का पालन करें और शादी, छठी, मरनी जैसे संस्कारों में आपसी सहभागिता बनाए रखें। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि मोहन सिंह हिड़को पक्ष के लिए समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के दरवाजे खुले हैं।
समिति ने सुझाव दिया कि हिड़को पक्ष भी बैठक आयोजित कर घावड़े पक्ष के पदाधिकारियों को आमंत्रित कर आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकाल सकता है। समिति ने भरोसा दिलाया है कि समाज में एकता और शांति स्थापित करने के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

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