जिला मोहला मानपुर अं चौकी की पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुल 11.21 लाख रुपये का सामान बरामद किया है, जिसमें चोरी की बैटरियां, घटना में प्रयुक्त वाहन और नगदी शामिल हैं। इस मामले में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
चार थानों में दर्ज थे मामले
जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगे जियो टावरों से अज्ञात चोरों द्वारा भारी मात्रा में बैटरियां चोरी की गई थीं। इन चोरियों की कुल कीमत लगभग 11,70,000 रुपये आंकी गई थी। पुलिस ने इस संबंध में चार प्रमुख मामले दर्ज किए थे। इसमें थाना मानपुर में 12 अप्रैल, थाना खड़गांव में 13 अप्रैल और थाना औंधी व थाना कोहका में 14 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
तकनीकी सुराग और सीसीटीवी से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह के निर्देशन में सायबर सेल और थाना कोहका की एक संयुक्त टीम बनाई गई।
पुलिस ने जब घटनास्थल के पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 24 डब्लू 9361 दिखाई दिया। वाहन के पीछे लिखे मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस आरोपी माखन तुमरेटी तक पहुँची, जिसके बाद इस पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
अंदरूनी सांठगांठ से होता था खेल
पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस चोरी में जियो कंपनी के ही दो कर्मचारी, हेमंत सिन्हा और भूपेंद्र रंगारी शामिल थे। ये दोनों टावर का लोकेशन और तकनीकी जानकारी मुख्य आरोपी देवराज बघेल को देते थे। चोरी की गई बैटरियों को कहडाबरी के जंगल में छिपाकर रखा जाता था और धीरे-धीरे भानुप्रतापपुर के एक कबाड़ी वीरेंद्र नेताम को बेचा जाता था।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में सामान जब्त किया है। इसमें 93 नग बैटरी (कीमत 3.20 लाख), एक डिजायर कार (कीमत 4 लाख), एक पिकअप वाहन (कीमत 3.30 लाख), 30 हजार रुपये नगद और 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। कुल जप्ती 11 लाख 21 हजार रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने इस मामले में हेमंत कुमार सिन्हा (22 वर्ष, कोर्रामटोला - मोहला), भूपेंद्र रंगारी (23 वर्ष, कोर्रामटोला - मोहला), माखन तुमरेटी (45 वर्ष, दल्ली राजहरा), वीरेंद्र नेताम (32 वर्ष, भानुप्रतापपुर) और देवराज बघेल (30 वर्ष, दल्ली राजहरा) को गिरफ्तार किया है।
इन सभी के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए जाने पर पुलिस ने इन्हें 15 अप्रैल को विधिवत गिरफ्तार किया और माननीय न्यायालय अंबागढ़ चौकी के समक्ष पेश किया गया। इस त्वरित कार्यवाही से क्षेत्र के मोबाइल टावर ऑपरेटरों ने राहत की सांस ली है।
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