NBP NEWS/ नारायणपुर (धोबे) | छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों पर सुरक्षा बलों की निरंतर और प्रभावी कार्रवाई से राज्य सरकार की मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ की योजना ज़मीन पर सफल होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में आईटीबीपी 44वीं वाहिनी को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है।
दिनांक 29 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 1 बजे, सीओबी धोबे से प्राप्त विश्वसनीय इनपुट के आधार पर यह जानकारी मिली कि बस्तर एरिया कमेटी (बीएसी) से जुड़े नक्सली काटकल-कुमनार गांव क्षेत्र (धोबे के उत्तर-पश्चिम) में मूवमेंट कर रहे हैं और इलाके में पहले से छिपाकर रखे नक्सली डंप को ढूंढ रहे है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल योजना बनाकर रिएक्शन टीम को रवाना किया गया। सुरक्षा बलों ने काटकल-कुमनार, कुमनार-बोडरा एरिया ऑफ कॉर्डिंग और आसपास के जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाया गया संदिग्ध नक्सली डंप को दोपहर तीन बजे इंटरसेप्ट किया गया, जिसे बाद में सुरक्षा मानकों के अनुरूप नष्ट कर दिया गया।
डंप से भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद
सर्च ऑपरेशन में नक्सलियों के संचार, विस्फोटक, मेडिकल और दैनिक उपयोग से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। बरामद वस्तुओं में प्रमुख रूप से—
संचार उपकरण: वीएचएफ सेट, रेडियो, सैटेलाइट फोन, प्रिंटर, लैपटॉप चार्जर, सेलफोन पावर एडॉप्टर
विस्फोटक सामग्री: डेटोनेटर, सेफ्टी फ्यूज, मल्टी बल्ब, नक्सल वायर सेट
इलेक्ट्रॉनिक/तकनीकी उपकरण: सोलर पैनल, डिजिटल मीटर, मल्टीमीटर, डिजिटल थर्मामीटर, डिजिटल व एनालॉग घड़ियां
चिकित्सकीय व दैनिक उपयोग सामग्री: मेडिकल बॉक्स, दवाइयां, वाटर बोतल, स्लीपर, जूते
नक्सली साहित्य व रिकॉर्ड: नक्सल बुक, डायरी, यूएसआर मैनुअल, नक्सल मेडिसिन चेकलिस्ट
वर्दी व कपड़े: नक्सली यूनिफॉर्म शर्ट, ट्रैक सूट, जैकेट, कैप, ग्लव्स
अन्य सामग्री: राशन, गैस सिलेंडर, स्टील कंटेनर, प्लास्टिक ड्रम, बैग, टॉर्च, सोल्डरिंग किट, बर्तन व कैंप उपयोगी सामान
नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका
विशेषज्ञ की माने तो इस कार्रवाई से नक्सलियों की संचार व्यवस्था, लॉजिस्टिक सप्लाई और क्षेत्रीय मूवमेंट को गंभीर नुकसान पहुंचा है। समय पर मिली सूचना पर त्वरित कार्रवाई और बलों के आपसी समन्वय के कारण यह सफलता संभव हो सकी।
सरकार की रणनीति सही दिशा में
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के तहत सुरक्षा बलों को पूरी ताकत के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। हाल के महीनों में लगातार नक्सल एनकाउंटर , समर्पण,नक्सली डंप बरामदगी, ठिकानों के ध्वस्तीकरण और मूवमेंट पर कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि सरकारी रणनीति निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि नक्सलियों की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व विकास सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेंगे।
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