सरकारी नौकरी पाने की चाह में एक महिला साइबर ठगी का शिकार हो गई। ठगों ने पहले महिला को नौकरी का झांसा दिया और फिर सीबीआई व पुलिस अधिकारी बनकर जेल भेजने तथा 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की धमकी देकर उससे अलग-अलग यूपीआई माध्यमों से कुल 78 हजार रुपये ठग लिए। मामले में ठगों ने फर्जी पुलिस अधिकारी का वीडियो कॉल कर महिला को डराया और लगातार अलग-अलग नंबरों से फोन कर रुपये भेजने का दबाव बनाया।
यूट्यूब पर देखा सरकारी नौकरी का विज्ञापन
मिली जानकारी के अनुसार, गोटाटोला थाना क्षेत्र के ग्राम चापाटोला निवासी सोनम देहारी गृहिणी हैं। उन्होंने 13 अक्टूबर को यूट्यूब पर महिला सुपरवाइजर की सरकारी नौकरी का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए लिंक के माध्यम से वेबसाइट पर पहुंचकर उन्होंने नौकरी के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू की।
वेबसाइट पर मांगी गई जानकारी भरते हुए महिला ने अपना आधार कार्ड नंबर भी दर्ज कर दिया। इसके बाद वेबसाइट बंद हो गई। महिला ने दोबारा वेबसाइट खोलने का प्रयास किया, लेकिन वेबसाइट नहीं खुली। अगले दिन 14 अक्टूबर की सुबह करीब 8 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया।
सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर डराया
कॉल करने वाले व्यक्ति ने महिला से पार्सल ऑर्डर करने की बात कहकर रुपये मांगे। महिला ने जब पार्सल नहीं मंगाने की बात कही, तो आरोपी ने खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताया। इसके बाद महिला को जेल भेजने और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की धमकी दी गई।
ठगों ने महिला को विश्वास में लेने और डराने के लिए व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल भी किया। वीडियो कॉल में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखाई दिया। इससे महिला घबरा गई और आरोपियों के दबाव में आ गई।
अलग-अलग यूपीआई नंबरों पर भेजे 78 हजार रुपये
महिला के अनुसार, आरोपियों ने बार-बार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर रुपये भेजने का दबाव बनाया। इसके बाद महिला ने विभिन्न यूपीआई माध्यमों से भुगतान किया। आरोपियों ने कई बार क्यूआर कोड भेजकर भी भुगतान कराया।
इस तरह महिला ने पांच अलग-अलग खातों में कुल 78 हजार रुपये भेज दिए। नौकरी पाने की उम्मीद में शुरू हुई प्रक्रिया अंततः साइबर ठगी में बदल गई।
नौकरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
यह घटना सरकारी नौकरी के नाम पर सक्रिय साइबर ठगों के नए तरीकों को उजागर करती है। ठग फर्जी विज्ञापनों और वेबसाइटों के जरिए लोगों की व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। इसके बाद पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर पैसे वसूलते हैं।
सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट की जांच करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें। याद रखें कि पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर फोन अथवा वीडियो कॉल पर धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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