नक्सल प्रभावित क्षेत्र ईदवाया में सुरक्षा बलों द्वारा जनसहभागिता बढ़ाने और ग्रामीणों की मदद के उद्देश्य से सिविक एक्शन प्रोग्राम एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 38वीं वाहिनी Indo-Tibetan Border Police (आईटीबीपी) के सीओबी ईदवाया कैंप परिसर में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट रोशन सिंह असवाल के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें गांव ईदवाया के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
ग्रामीणों को दी गई उपयोगी सामग्री
सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत ग्रामीणों को दैनिक उपयोग और खेल से जुड़ी कई आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं। इनमें कैरम बोर्ड, शतरंज बोर्ड, बैडमिंटन रैकेट, कृषि बीज, प्लेट, गिलास, बाल्टी, परात, पानी की बोतल, कंबल और जूते जैसी सामग्री शामिल रही।
मुफ्त चिकित्सा शिविर का आयोजन
कार्यक्रम के साथ ही एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जहां बीमार और जरूरतमंद ग्रामीणों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। इससे दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का सीधा लाभ मिला।
आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल चौरासिया ने उपस्थित ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और आर्थिक स्थिति पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। साथ ही यह भी समझाया कि नशा छोड़ने से व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकता है, परिवार में खुशहाली आती है और समाज में सम्मान बढ़ता है।
कार्यक्रम में ग्रामीणों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करते हुए यह विश्वास दिलाया गया कि दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन से नशे की आदत को छोड़ा जा सकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना रहा।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के सरपंच, पंच और अन्य गणमान्य नागरिकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए आईटीबीपी के प्रयासों को सराहा।
समस्याओं के समाधान का मिला आश्वासन
इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं, जिन पर सीओबी कमांडर ने गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की पहल
ज्ञात हो कि Ministry of Home Affairs द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी एवं गरीब ग्रामीणों के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सुरक्षा बलों की भी अहम भूमिका रहती है।
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