पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत जिले की समस्त ग्राम पंचायतों के सचिवों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं मार्गदर्शन बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना, प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना रहा।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर ने ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया कि वे विभागीय दायित्वों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। विशेष रूप से समर्थ्य पोर्टल, सम्पदा ऐप एवं निर्णय ऐप जैसे विभागीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। इन माध्यमों से पंचायत कार्यों की ऑनलाइन एंट्री, संपत्ति प्रबंधन तथा ग्राम सभा से संबंधित अभिलेखों का संधारण सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर मांग (टैक्स डिमांड) जारी करने एवं कर वसूली की समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन समर्थ्य ऐप के माध्यम से ही की जाए। इससे पंचायत की आय बढ़ाने के साथ-साथ कर वसूली प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और पंचायतों के वित्तीय स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी। सचिवों को ग्रामवासियों को कर भुगतान के प्रति जागरूक करने एवं समय पर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान विभागीय ऐप्स एवं पोर्टल्स के संबंध में सचिवों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही डेटा एंट्री कार्य में समयबद्धता और शुद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने अपेक्षा जताई कि सभी ग्राम पंचायत सचिव नियमित रूप से ऑनलाइन प्रगति रिपोर्ट दर्ज करेंगे, जिससे उच्च स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की प्रभावी निगरानी संभव हो सके।
इसके अतिरिक्त, पंचायत सचिवों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुँचाने की प्राथमिक जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा गया कि योजनाओं का सही एवं व्यापक प्रचार-प्रसार होने से अधिक से अधिक पात्र ग्रामीण लाभान्वित होंगे और समग्र ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
बैठक का समापन सचिवों से कर्तव्यनिष्ठा, नवाचार और डिजिटल दक्षता के साथ कार्य करने के आह्वान के साथ हुआ। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी ग्राम पंचायत सचिव विभागीय निर्देशों का पालन करते हुए पंचायत प्रशासन को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाएंगे।
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