यह योजना भारत सरकार एवं विश्व बैंक के संयुक्त सहयोग से संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की उत्पादकता बढ़ाना, बाजार तक उनकी पहुंच को मजबूत करना तथा उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ावा देना है। साथ ही MSME के प्रदर्शन को बेहतर बनाकर उन्हें गति प्रदान करना भी इसका उद्देश्य है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यमिता विकास प्रशिक्षक श्री रविंद्र सिंह ने प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने RAMP योजना के उद्देश्य एवं लाभ, उद्यमिता विकास एवं MSME के लिए उपलब्ध अवसर, MSME के तहत वित्तीय सहायता एवं क्रेडिट लिंकेज प्रक्रिया, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एवं बाजार तक पहुंच, कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही लघु वनोपज से संबंधित संग्रहण तकनीकें, स्वच्छता एवं गुणवत्ता प्रबंधन, विपणन और MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य), प्रसंस्करण तथा अन्य संबंधित विषयों पर भी प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण में कुल 30 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के पश्चात आयोजित प्रश्न-उत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने वित्तीय व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के लिए दस्तावेजीकरण, व्यवसायिक योजना, टिकाऊ व्यवसाय, बाजार सर्वे तथा बाजार लिंकेज से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे।
कार्यक्रम के अंत में संजय जी ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें भविष्य में व्यवसाय शुरू करने के लिए शुभकामनाएं दीं और तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया।
0 टिप्पणियाँ