कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दर्ज की गई एफआईआर तथा दलित छात्रों से संवाद पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ देशभर में उबाल देखा जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को मानपुर बस स्टैंड पर एक जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें मोहला-मानपुर विधायक इन्द्रशाह मंडावी और युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष निर्मल के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक इन्द्रशाह मंडावी ने कहा, “यदि छात्र-छात्राओं से संवाद रोकने की कोशिश की गई, विपक्ष की आवाज दबाई गई, और लोकतंत्र का गला घोंटा गया, तो हम सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे। यह लड़ाई अब राहुल गांधी के नेतृत्व में और भी तेज होगी।”
उन्होंने कहा कि दलित छात्रों से संवाद पर रोक लगाना यह दर्शाता है कि सरकार शिक्षा और विचारों के आदान-प्रदान से डरती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा प्रहार बताया।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष निर्मल ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। बिहार में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है और सरकार छात्रों को सिर्फ झूठे वादों और जुमलों से बहला रही है। राहुल गांधी युवाओं की आवाज हैं, एक एफआईआर से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।”
प्रदर्शन में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष देवानंद कौशिक, जनपद सभापति राजू पोटाई, छात्र नेता ऋषभ ठाकुर, मोनू मंडावी, सत्या सिन्हा, युवा नेता अजित खान, प्रकाश विश्वास, ललित बोगा, देवा सारथी, जबीर खान, राहुल नेताम, बन्नू बघेल, सोमी तुलावी, उदय मानिकपुरी, प्रेम नेताम, रोहित केवट, संजय बघेल, सूरज निषाद सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोई भी कोशिश देश के युवा चुपचाप नहीं सहेंगे, और वे हर मंच पर इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
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