मोहला नगर के वार्ड क्रमांक 14 में आज एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण साक्षी बना, जब वर्षों से प्रतीक्षित शिव मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भगवान शिव के मंदिर के निर्माण की शुरुआत की।
यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि यह उस जनआस्था का सम्मान था, जिसे वर्षों से स्थानीय नागरिक संजोए हुए थे। शिव मंदिर न केवल धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक भी होगा।
जनसमस्याओं की सुनवाई और त्वरित घोषणाएं-
भूमिपूजन उपरांत, वार्डवासियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष कई मूलभूत आवश्यकताओं को रखा, जिनमें प्रमुख रूप से सीसी रोड निर्माण, सामुदायिक भवन और पेयजल सुविधा के लिए बोरिंग की मांग शामिल थी।
नम्रता सिंह ने इन सभी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वस्त किया कि:
* सीसी रोड निर्माण का प्रस्ताव पहले ही जिला प्रशासन को भेजा जा चुका है और कार्य जल्द प्रारंभ होने की संभावना है।
* सामुदायिक भवन की घोषणा मौके पर ही की गई, जिससे सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों को एक उचित मंच मिलेगा।
* बोरिंग की सुविधा को प्राथमिकता में रखते हुए अधिकारियों को शीघ्र दिशा-निर्देश देने का आश्वासन भी दिया गया।
उन्होंने कहा, “हम केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं हैं, हमारा उद्देश्य हर गली, हर घर तक विकास पहुँचाना है।”
समूह सहभागिता और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस अवसर पर जनपद सदस्य अभिलाषा मेश्राम, सरपंच गजेन्द्र पुरामें, वार्ड 14 के पंच मिर्जा नूर बैग, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अनिल गुप्ता, युवा मोर्चा अध्यक्ष देवप्रसाद नेताम, मंडल अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और नागरिक उपस्थित रहे।
धार्मिक आस्था से विकास की ओर एक कदम
शिव मंदिर का यह निर्माण कार्य मोहला में न केवल आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगा, बल्कि सामाजिक समरसता और विकास के समन्वय की एक मिसाल भी कायम करेगा।
कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ने सभी नागरिकों का आभार प्रकट करते हुए आश्वासन दिया कि शासन और प्रशासन जनहित में तत्परता से कार्य कर रहा है, और मोहला सहित पूरे जिले में निरंतर विकास की गति बनी रहेगी।
"जब समाज की आस्था और प्रशासन की इच्छाशक्ति मिलती है, तो केवल मंदिर नहीं, एक मजबूत और समरस समाज की नींव रखी जाती है।"
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