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नवागांव में धर्मांतरण को लेकर अंतिम संस्कार बना विवाद का कारण, ग्रामीणों ने किया दफन का विरोध

NBPNEWS/26मई 2025 मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
रविवार को मानपुर विकासखंड के ग्राम नवागांव में उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक धर्मांतरण कर चुके व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीण और मिशनरी अनुयायियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। गांव के लोगों ने उक्त व्यक्ति को गांव की सीमा में दफनाने से रोक दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मूलतः कलार समाज से संबंधित था, जिसे कुछ समय पूर्व जीवन में आई परेशानियों के समाधान के नाम पर धर्मांतरण कर ईसाई बना दिया गया था। इसके बाद उसने और उसके परिवार ने अपने पारंपरिक समाज, रिश्तेदारों और ग्राम पंचायत से नाता तोड़ लिया था। मृतक और उसके परिवार ने गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को त्यागते हुए पूरी तरह मिशनरी अनुयायियों के साथ रहना शुरू कर दिया था।
जब मृतक के दफन की तैयारी गांव के श्मशान क्षेत्र में की जा रही थी, तो नवागांव के ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जब व्यक्ति ने स्वयं अपनी परंपराओं, सामाजिक जिम्मेदारियों और ग्राम व्यवस्था से नाता तोड़ लिया था, तो अब उसका अंतिम संस्कार गांव की परंपराओं के अनुसार ग्राम सीमा के भीतर नहीं हो सकता। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक मृतक परिवार गांव की मूल परंपरा और सामाजिक व्यवस्था को स्वीकारने का भरोसा नहीं देता, तब तक ऐसे किसी भी दफन क्रिया को वे अनुमति नहीं देंगे।

इस दौरान क्षेत्र के कई धर्मांतरण समर्थक व्यक्ति और मिशनरी कार्यकर्ता मृतक का अंतिम संस्कार कराने के लिए मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों पर दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों की एकजुटता और दृढ़ता के आगे वे असफल रहे।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर लाल लक्ष्मेंद्र शाह पानाबरस गढ़, जिला पंचायत सदस्य भोजेश शाह, जनप्रतिनिधि मान सिंह टेकाम सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधि पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
























































































































































गौरतलब है कि यह घटना केवल अंतिम संस्कार को लेकर नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते धर्मांतरण और उससे उत्पन्न सामाजिक तनाव का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आई है। स्थानीय प्रशासन से ग्रामीणों ने मांग की है कि धर्मांतरण की बढ़ती गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए और गांव की सामाजिक एकता को बनाए रखने हेतु सख्त कदम उठाए जाएं।

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