सरकार की अनदेखी और उपेक्षा से तंग आकर आखिरकार मोहला ब्लॉक के गोटाटोला क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों और किसानों को सड़कों पर उतरकर आवाज़ उठानी पड़ी। गोटाटोला और आसपास की 18 ग्राम पंचायतों के लोगों ने जिला मुख्यालय मोहला में एकजुट होकर रैली निकाली और गोटाटोला में तहसील कार्यालय व जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की स्थापना की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र की आबादी और भौगोलिक आवश्यकता के बावजूद सरकार आंखें मूंदे बैठी है। गोटाटोला, जो दल्लीराजहरा और अंबागढ़ चौकी जैसे प्रमुख मार्गों से जुड़ा है, वहां न तो तहसील है, न सहकारी बैंक। इससे क्षेत्र के 20 ग्राम पंचायतों के 35 हजार लोगों को हर छोटे-बड़े काम के लिए दूर दराज जाना पड़ता है।
**सरकार पर भड़के जनप्रतिनिधि, विधायक बोले- “जनता की नहीं सुन रही भाजपा”**
जयस्तंभ चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक इंद्रशाह मंडावी ने भाजपा सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस शासनकाल में नया जिला, तीन तहसील, सड़क, बिजली, धान खरीदी केंद्र और कन्या आश्रम जैसे विकास कार्य हुए। जबकि भाजपा की सरकार ने 15 महीनों में विकास के नाम पर सिर्फ वादाखिलाफी की है। शराब, जुआ, सट्टा को बढ़ावा दिया जा रहा है और आदिवासियों को डराया जा रहा है।”
विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार के निकम्मेपन से किसान और ग्रामीण लगातार ठगा महसूस कर रहे हैं। गोटाटोला में तहसील और बैंक की मांग कोई नई नहीं है, लंबे समय से पत्राचार हो रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
**महिलाओं ने भी खोला मोर्चा, बैंक कर्मचारियों के व्यवहार पर जताई नाराजगी**
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने मोहला सहकारी बैंक के कर्मचारियों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों को बैंक से बाहर कर दिया जाता है, सही व्यवहार नहीं किया जाता। “सरकार न सुनती है, न देखती है, इसलिए आज हमें सड़क पर उतरना पड़ा है”, एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा।
**प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन, जनता ने चेताया – अगर मांगें नहीं मानी गई तो होगा बड़ा आंदोलन**
रैली जिला कार्यालय पहुंची जहां अनुविभागीय अधिकारी डॉ. हेमेंद्र भुआर्य को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गोटाटोला जैसे बड़े और केंद्रीय क्षेत्र में तहसील और बैंक की स्थापना बेहद जरूरी है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
**किसानों और ग्रामीणों की एकजुटता ने सरकार की नींद उड़ाई**
गोटाटोला, रानाटोला, भालापुर, मरारटोला, केंवटटोला, मुकादाह, हर्रोटोला जैसे गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए। नेतृत्व कर रहे थे – विधायक इंद्रशाह मंडावी, युवा कांग्रेस के अजय राजपूत, अगनूराम कुमेटी, संजय जैन, मनीष निर्मल, महेश कुंजाम देवानंद कौशिक समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता।
**निष्कर्ष:**
जिस सरकार से जनता उम्मीद करती है, जब वही चुप्पी साध लेती है तो सड़कों पर उतरना ही आखिरी रास्ता रह जाता है। गोटाटोला के किसानों ने बता दिया कि अब चुप नहीं बैठेंगे, जब तक उन्हें उनका अधिकार नहीं मिल जाता।
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