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बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ की जीती-जागती मिसाल बनी- आभा बागड़े का सैनिक स्कूल,नवोदय विद्यालय व एकलव्य में चयन

NBPNEWS/25मई 2025/छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की होनहार छात्रा आभा बागड़े ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के दम पर एक साथ तीन प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों—सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय और एकलव्य आदर्श विद्यालय —में चयनित होकर जिले भर में अपनी अलग पहचान बना ली है। कौड़ीकसा गांव की निवासी आभा न सिर्फ पढ़ाई में अव्वल है, बल्कि खेलकूद, संगीत, कला और तकनीकी क्षेत्र में भी उसका प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय है।
आभा वर्तमान में पीएम श्री स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, अं. चौकी की छात्रा है। जहां पांचवीं में 96% के साथ कक्षा में अव्वल हैं, जवाहर नवोदय विद्यालय में 97.5%, एकलव्य में 93% और सैनिक स्कूल में भी अच्छा प्रदर्शन रहा है। उसकी प्रारंभिक शिक्षा से ही सीखने की ललक, नई चीजों को जानने की उत्सुकता और गहन अनुशासन ने उसे लगातार आगे बढ़ाया है। वह चेस, स्केटिंग, रोलर ब्लेडिंग, ड्राइंग, पेंटिंग, गायन और पियानो प्लेइंग जैसे क्षेत्रों में भी दक्ष है। तकनीकी समझ के लिहाज से आभा अपने समकालीनों से काफी आगे है—वह कोडिंग और एप्लिकेशन डेवलपमेंट जैसे विषयों में भी दक्षता रखती है।
आज के डिजिटल युग में जहां अधिकांश बच्चे मोबाइल पर रील्स देखने और बनाने में समय गंवाते हैं, वहीं आभा मोबाइल और इंटरनेट का रचनात्मक उपयोग कर अपने ज्ञान को लगातार बढ़ा रही है। वह नए-नए स्किल्स सीखने में रुचि रखती है और खुद को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने में जुटी है। इसीलिए वह जिले में डिजिटल एजुकेशन और क्रिएटिव लर्निंग की पहचान बनती जा रही है।
आभा की इस उपलब्धि के पीछे उसके माता-पिता का विशेष योगदान है। माता योगिता बागड़े और पिता राधेश्याम बागड़े ने बेटी को सकारात्मक और सीखने योग्य वातावरण प्रदान किया। उन्होंने मोबाइल और सोशल मीडिया के बजाय पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आभा को प्रोत्साहित किया। आभा बचपन से ही इंग्लिश में कार्टून, मूवी देखना और वीडियो भी इंग्लिश में देखती है। यही कारण है कि आभा आज जिले में सफलता की नई मिसाल बन चुकी है।
आभा की उपलब्धियों से न केवल उसके स्कूल, बल्कि पूरे जिले में गर्व की भावना है। उसके चयन ने यह साबित कर दिया है कि यदि लगन और मेहनत हो तो वानांचल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से भी राष्ट्रीय स्तर की सफलता हासिल की जा सकती है। उसकी सफलता से प्रेरित होकर अब अन्य पालक भी अपने बच्चों को आभा जैसा बनाने का सपना देख रहे हैं।
आभा बागड़े आज न केवल एक होनहार छात्रा, बल्कि जिले की बेटियों के लिए एक आदर्श और प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।

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