देशभक्ति, सेवा और जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला आज बालोद जिले के कुसुमकसा ग्राम पंचायत भवन में, जहां “ऑपरेशन सिंदूर” की ऐतिहासिक सफलता की खुशी में रक्तदान महादान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर ने न केवल मानव सेवा का संदेश दिया, बल्कि यातायात सुरक्षा जागरूकता और देश के प्रति गौरव की भावना को भी जीवंत किया।
शिविर में छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन शाखा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से जुड़े चार जुझारू ड्राइवरों ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
रक्तदान करने वाले प्रेरणादायक नाम इस प्रकार हैं:
1. सुरेश मंडावी (आईडी: 3644)
2. राम कुमार मंडावी (आईडी: 3650)
3. सुमित उसारे (आईडी: 5711)
4. दुर्गेश डोंगरे (आईडी: 3699)
इन ड्राइवरों ने रक्तदान के साथ-साथ *यातायात सुरक्षा जागरूकता का भी समर्थन किया। शिविर में प्रत्येक रक्तवीर को सुरक्षा हेलमेट और प्रमाण पत्र* देकर सम्मानित किया गया, जिससे समाज में सुरक्षित ड्राइविंग और हेलमेट पहनने की प्रेरणा फैले।
ऑपरेशन सिंदूर – दुश्मनों को चित करने वाली गौरवगाथा
शिविर का आयोजन “ऑपरेशन सिंदूर” की ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में किया गया था, जिसके तहत हमारे हिंदुस्तान ने दुश्मनों को चारों खाने चित कर दिया। इस गौरवशाली पल को सेवा और समर्पण के माध्यम से मनाया गया, जो एक नई सोच को दर्शाता है – जश्न भी सेवा से हो!
शिविर की प्रमुख जानकारियाँ:
यह शिविर 23 मई 2025 (शुक्रवार) को प्रातः 09:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक ग्राम पंचायत कुसुमकसा पंचायत भवन जिला बालोद (छ.ग.) में आयोजित हुआ जिसके आयोजक भारतीय जनता पार्टी मंडल एवं समस्त सरपंचगण, कुसुमकसा क्षेत्र
और सहयोगी संस्था: ज्योते ब्लड वेलफेयर फाउंडेशन,डीबी ग्रुप, दल्लीराजहरा
यह शिविर एक सामाजिक संकल्प था – इंसानियत ही हमारा धर्म है, मानव सेवा माधव सेवा है*। ऑपरेशन सिंदूर की विजय को मानव सेवा से जोड़कर यह कार्यक्रम अपने आप में एक नायाब उदाहरण बना। ड्राइवरों जैसे मेहनतकश नागरिकों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज का हर तबका देशसेवा के लिए तत्पर है।
हम salute करते हैं उन रक्तदाताओं को, जिन्होंने जीवन की डोर थामने के लिए अपने रक्त की एक बूँद समर्पित की।
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