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मोहला मड़ई मेले में सुरक्षा के साथ खिलवाड़, बिना फिटनेस टेस्ट झूले लगाए गए, अब मानपुर और खरदी की बारी


NBP NEWS | 27 फरवरी 2025 | मोहला मानपुर/ त्रि-स्तरीय चुनाव के दौरान जिला मुख्यालय मोहला में तीन दिवसीय मड़ई मेले का आयोजन सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर किया गया। 21 फरवरी से आयोजित इस मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और विभिन्न झूलों का लुत्फ उठाया।  
**झूलों की फिटनेस पर सवाल**  

मेले में लगाए गए झूले – मौत का कुआं, ब्रेक डांस, नाव झूला और आकाश झूला – बिना किसी सुरक्षा जांच के लगाए गए। झूला व्यापारियों ने फिटनेस टेस्ट कराना जरूरी नहीं समझा, जिससे किसी भी अनहोनी की आशंका बनी रही। यदि कोई हादसा होता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता – झूला व्यापारी या जिला प्रशासन?  

गौरतलब है कि जिले के आला अधिकारियों ने भी इन्हीं झूलों का आनंद लिया, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।  
**पूर्व में हो चुके हैं बड़े हादसे**  
ऐसे झूलों की फिटनेस को लेकर पूर्व में कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों ने अपनी जान गंवाई।  

**मोतिहारी मेला**: ड्रैगन झूला टूटने से एक युवती की मौत, तीन घायल। (आजतक रिपोर्ट)  

**अहमदाबाद एडवेंचर पार्क**: झूला टूटने से तीन लोगों की मौत, 26 घायल। (IBC24 रिपोर्ट)  

**अनंतपुर मेला**: आकाश झूले की डोली टूटने से एक बच्ची की मौत, तीन घायल। (न्यूज18 रिपोर्ट)  
इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन की लापरवाही जारी है। अगर कोई हादसा होता, तो घायलों को मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया जाता, चूंकि स्थानीय तौर पर इलाज के लिए व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।  

**व्यापारियों के पास नहीं था फिटनेस सर्टिफिकेट**  

झूला व्यापारी मनोज सिन्हा और ओमप्रकाश फिटनेस सर्टिफिकेट दिखाने में असमर्थ रहे। मनोज सिन्हा ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि फिटनेस सर्टिफिकेट झूला लगने के बाद मिलता है, लेकिन उनके पास मौजूद नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि सर्टिफिकेट भाटापारा स्थित उनके घर पर है, जबकि झूला मोहला में लगाया गया था। यह बयान प्रशासन की अनदेखी और व्यापारियों की लापरवाही को उजागर करता है।  
**प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में**  

अनुविभागीय दंडाधिकारी ने बताया कि मेले के लिए सामान्य परमिशन दी गई थी, लेकिन फिटनेस और सुरक्षा दस्तावेज थाना में जमा करने की शर्त रखी गई थी। सवाल यह उठता है कि जब दस्तावेज जमा नहीं किए गए, तो झूले लगाने की अनुमति कैसे मिली?  

**क्या दोबारा होगी वही गलती?**  

मोहला मेले के बाद झूला व्यापारी 2 मार्च को जिले के मानपुर और खरदी मड़ई में झूले लगाने की तैयारी कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार स्थानीय प्रशासन और पुलिस सुरक्षा मानकों की जांच करेगी या फिर से बिना दस्तावेजों के झूले लगाने दिए जाएंगे।

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