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जिले के तीन व्याख्याताओं ने IISER पुणे में राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया गौरव


NBPNEWS/मोहला/13 मई 2025 , मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के तीन व्याख्याताओं — रवि प्रकाश यादव (जीव विज्ञान, पीएम श्री मानपुर), अनिल कुमार साहू (भौतिक, पीएम श्री मोहला) और सुशील कुमार चौरसिया (भौतिक, पीएम श्री अंबागढ़ चौकी) — ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) पुणे में आयोजित नेशनल लेवल कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लेकर जिले का प्रतिनिधित्व किया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पीएम श्री स्टेट प्रोजेक्ट और समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के सहयोग से IISER पुणे के बालन विज्ञान गतिविधि केन्द्र में संपन्न हुआ। पहले दिन राज्य के 133 चयनित शिक्षकों ने पिंपरी चिंचवाड़ स्थित विज्ञान केंद्र और कल्पगृह का भ्रमण किया। इस दौरान प्लैनेटेरियम शो, 3D शो, टिंकरिंग एक्टिविटी, लिक्विड नाइट्रोजन शो जैसे रोचक वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। नाइट स्काई ऑब्जर्वेशन में बृहस्पति ग्रह का अवलोकन किया गया।

दूसरे दिन शिक्षकों ने कैंपस में नेचर वॉक कर छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र की जैव विविधता का तुलनात्मक अध्ययन किया। उद्घाटन समारोह में प्रो. एम.एस. संथानम, प्रो. देवप्रिया चट्टोपाध्याय, अशोक रूपनर, आशिष गौतम और विजय रंजन ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। आशिष गौतम ने पीएम श्री योजना की परिकल्पना और शिक्षकों को वैज्ञानिक अवधारणाएं सरल रूप में सिखाने के उद्देश्य को साझा किया।
प्रशिक्षण के दौरान तीन दिन तक विभिन्न विज्ञान व गणित संबंधी अवधारणाओं को आसान गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया। इसके लिए शिक्षकों को STEM एक्टिविटी किट, क्यूरियोसिटी बॉक्स, 3D वंडर किट, USB माइक्रोस्कोप, बुकलेट्स भी प्रदान किए गए।
समापन समारोह में प्रो. सुनील एस. भागवत, डॉ. अपर्णा देशपांडे, प्रो. अरनव मुखर्जी, इंद्राणी बालन और आशिष गौतम उपस्थित रहे। निदेशक प्रो. भागवत ने शिक्षकों से गांव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आह्वान किया। डॉ. देशपांडे ने बच्चों में विज्ञान व गणित को रुचिकर बनाने का सुझाव दिया।
कार्यशाला के दौरान छत्तीसगढ़ के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने राज्य की संस्कृति की प्रस्तुति देकर आईआईएसईआर पुणे में अपनी सांस्कृतिक पहचान भी स्थापित की। व्याख्याताओं ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री, सचिव स्कूल शिक्षा, समग्र शिक्षा के प्रमुखों, जिला एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और पीएम श्री विद्यालयों के प्राचार्यों का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला के प्रमुख आकर्षणों में पेन प्लॉटर, 3D पेन आर्ट, पॉटरी सेशन, लेजर शो, क्रिटिकल थिंकिंग सेशन, ग्राफ-डाटा सत्र, क्विज, IISER में अध्ययनरत छात्रों से संवाद, फ्लाई हाउस और बर्ड हाउस विजिट, NMR मशीन की संरचना और डे टाइम एस्ट्रोनॉमी शामिल थे।
इस प्रशिक्षण से जिले के शिक्षकों को 21वीं सदी के कौशल आधारित शिक्षण में नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त हुई, जो छात्रों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार की ओर प्रेरित करेगी।

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