जिले के चिल्हाटी थाना प्रभारी रविशंकर डहरिया पर एक फौजी परिवार के साथ कथित ज्यादती और भारी रिश्वतखोरी के आरोप सामने आए हैं। NBPNEWS व अन्य मीडिया में मामला उजागर होते ही IG अभिषेक शांडिल्य के निर्देश पर SP वाई.पी. सिंह ने थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस प्रकरण में पीड़ितों पर दबाव डालने वाले प्रधान आरक्षक राजेश्वर बोगा को भी निलंबन की कार्रवाई झेलनी पड़ी है।
### रातभर भूखे-प्यासे थाने में बिठाया, मां की मौत के बाद छोड़ा गया
मामला 20 अप्रैल का है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के ग्राम खुनारा निवासी कारगिल युद्ध लड़ चुके फौजी चतुर सिंधराम के बड़े भाई मधुर सिंधराम ने खेती के लिए कोलिहाटोला गांव(छ ग) से किसान रामकुमार सलामे से एक जोड़ी बैल खरीदा और मालवाहक वाहन (CG 08 AJ 5941) से अपने गांव लौट रहे थे। चिल्हाटी थाना के सामने आबकारी चेकपोस्ट में वाहन को मवेशी तस्करी के संदेह में रोककर उन्हें थाने लाया गया।
पीड़ितों के अनुसार उन्होंने सभी वैध जानकारी और दस्तावेज देने के बावजूद थाना प्रभारी के निर्देश पर उन्हें रातभर भूखा-प्यासा थाने में रखा गया, और सुबह सभी को छोड़ने के एवज में 1 लाख से अधिक की रिश्वत वसूली गई। इस बीच मधुर सिंधराम की मां की तबीयत बिगड़ गई और 21 अप्रैल की सुबह उनकी मौत हो गई। रिश्वत देने के बाद ही वह अपने गांव जाकर अंतिम संस्कार में शामिल हो सका।
### किसान से भी वसूले गए पैसे
बैल बेचने वाले किसान रामकुमार सलामे से भी पुलिस ने 34,500 रुपये थाने बुलवाकर जब्त कर लिए, जिससे कुल वसूली की रकम डेढ़ लाख से अधिक बताई जा रही है।
### रकम लौटाने पीड़ितों के गांव पहुंचे थाना प्रभारी
मीडिया में मामला आने के बाद थाना प्रभारी रविशंकर डहरिया खुद महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित पीड़ितों के गांव पहुंचा और रिश्वत की रकम लौटाई। इसके बाद परिवार पर चुप रहने का दबाव भी बनाए जाने की खबरें हैं।
### अवैध शराब और असामाजिक गतिविधियों को संरक्षण का आरोप
रिश्वत मामले से पहले भी चिल्हाटी थाना चर्चा में था। बीते सप्ताह सैकड़ों ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर अवैध शराब बिक्री और असामाजिक गतिविधियों को थाना प्रभारी द्वारा संरक्षण देने के आरोप लगाए थे।
### राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग**
मोहला-मानपुर विधायक इंद्र शाह मंडावी ने कहा कि थाना प्रभारी डहरिया के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन विभागीय संरक्षण के चलते अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने IG से मांग की कि इस गंभीर प्रकरण की जांच राजनांदगांव की स्वतंत्र पुलिस टीम से कराई जाए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
### जांच की जिम्मेदारी SDOP को सौंपी गई
IG अभिषेक शांडिल्य ने मामले की जांच का जिम्मा SDOP नेहा पवार को सौंपा है। SP वाई.पी. सिंह ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न केवल पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करता है, बल्कि यह दर्शाता है कि यदि त्वरित कार्रवाई और पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था से उठ सकता है।
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