मोहला मुख्यालय में बीती रात एक अनोखा वाकया देखने को मिला, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को हैरत में डाल दिया, बल्कि घंटों तक उन्हें बिजली की समस्या से भी जूझना पड़ा।
मामला एक दुर्लभ प्रजाति की *उड़न गिलहरी* (Flying Squirrel) से जुड़ा है, जो मध्यरात्रि में बिजली तारों से टकरा गई और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
रात लगभग 12 बजे मोहला क्षेत्र में अचानक बिजली गुल हो गई। गर्मी और उमस के बीच लोग पहले तो तकनीकी खराबी समझते रहे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, लोगों की बेचैनी बढ़ती गई। घंटों देर में जब बिजली विभाग की टीम एक्टकन्हार के पास ट्रांसफार्मर और तारों की जांच कर रही थी, तब उन्हें एक अनोखा जीव तारों में फंसा मिला।
बिजली विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, यह जीव कोई आम गिलहरी नहीं बल्कि "उड़न गिलहरी" थी, जो दुर्लभ रूप से ही नजर आती है। यह जीव बिजली के तार में चिपक गया था जिससे शॉर्ट सर्किट हो गया और पूरे मोहला मुख्यालय की बिजली ठप हो गई थी। बड़ी मशक्कत के बाद बिजली विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से इस मृत जानवर को तार से हटाया और बिजली आपूर्ति रात्रि 2:40 को बहाल किया गया ।
**क्या होती है उड़न गिलहरी?**
उड़न गिलहरी एक निशाचर (रात्रि में सक्रिय) और वृक्षों में रहने वाला जीव है जो मुख्य रूप से एशिया के घने जंगलों में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम "Petaurista philippensis" है। इसकी विशेषता यह है कि यह एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक "फ्लाइडिंग" की तरह फुर्ती से छलांग लगा सकती है। इसके शरीर के दोनों ओर झिल्लीनुमा त्वचा होती है जो इसे हवा में ग्लाइड करने में मदद करती है।
यह प्रजाति आमतौर पर मानव बस्तियों से दूर ही रहती है, लेकिन जंगल कटने और गर्मी के मौसम में पानी व भोजन की तलाश में ये जीव कभी-कभी आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं।
**छत्तीसगढ़ में उड़न गिलहरी की उपस्थिति**
छत्तीसगढ़ में उड़न गिलहरी की उपस्थिति बहुत ही विरली रही है, लेकिन वन विभाग द्वारा बीते वर्षों में कुछ क्षेत्रों में इसके देखे जाने की पुष्टि की गई है।
यह जीव विशेष रूप से "कांकेर, बस्तर, गरियाबंद, जशपुर, मैनपाट और सूरजपुर" जिलों के घने जंगलों में दर्ज किया गया है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार उड़न गिलहरी जैव विविधता के लिहाज से एक संवेदनशील प्रजाति है, जो केवल जैविक रूप से समृद्ध और शांत जंगलों में ही निवास करती है। मोहला क्षेत्र में इसका दिखना वन्यजीवों की आवाजाही का संकेत है।
**वन विभाग को सूचना दी जाएगी**
मध्य रात्रि होने की वजह से बिजली विभाग ने मामले की जानकारी वन विभाग को नहीं दी है। सुबह होने पर जानकारी दिया जाएगा , बताया जा रहा है कि जीव अब मृत अवस्था में है, जिसे वन विभाग को सौंपा जाएगा।
यह घटना न केवल मोहला क्षेत्र में वन्यजीव जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जंगलों से लगे इलाकों में जैव विविधता के संरक्षण और मानव-वन्यजीव टकराव से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
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