लाल श्याम शाह शासकीय नवीन महाविद्यालय मोहला के हिंदी विभाग और भूगोल विभाग द्वारा शुक्रवार को चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। महाविद्यालय प्रांगण इस अवसर पर उल्लास, संगीत और स्मृतियों के रंगों से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12 बजे हुआ, जिसमें महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. जी. के. जोशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के आयोजक भानु प्रताप वर्मा, डॉ. रीना कोमरे ,सुखदास साहू ,प्रमोद जुरेशिया , डॉ. अमित गुप्ता रहे।साथ ही महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारियों एवं हिंदी एवं भूगोल स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों की उपस्थिति भी बनी रही। समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसने वातावरण को गरिमामय बना दिया। इसके पश्चात डॉ. जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें महाविद्यालय के आदर्शों, मूल्यों एवं अनुशासन को जीवन भर साथ रखने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें नृत्य, गायन और लघु नाटिका प्रमुख रहीं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अतिथियों को भावविभोर कर दिया। विशेष रूप से द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम की सुंदर प्रस्तुति से अपने वरिष्ठों को सम्मानित किया।
विदाई ले रहे विद्यार्थियों ने अपने कॉलेज जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान न केवल उन्हें अकादमिक शिक्षा प्रदान करने का केंद्र रहा, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व निर्माण और जीवन दृष्टिकोण को भी परिपक्व करने का माध्यम बना।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में डॉ. जी. के. जोशी ने कहा,
“सच्ची शिक्षा वही है, जो विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ चरित्र, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराए। आप सभी विद्यार्थी जीवन के एक नए पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं। विश्वास रखें, आपके प्रयास, आपकी आस्था और आपकी मेहनत ही आपको सफलता दिलाएगी।”
कार्यक्रम के अंत में चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों की ओर से महाविद्यालय को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। वहीं द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने अपने सीनियरों को स्मृति-चिह्न देकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस आत्मीयता से परिपूर्ण क्षण में कई विद्यार्थियों की आंखें नम हो गईं।
समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों और उपस्थितजनों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को न केवल उनके कॉलेज जीवन की मधुर स्मृतियों से जोड़ने का कार्य किया, बल्कि उन्हें आगामी जीवन के लिए प्रेरणा, आत्मबल और संकल्प भी प्रदान किया।
यह विदाई समारोह महज एक आयोजन नहीं, बल्कि एक पीढ़ी को नए पथ पर विदा करने का भावनात्मक क्षण था, जिसने सभी के हृदय में स्थायी छाप छोड़ी।
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