NBPNEWS/09 जनवरी 2025/ बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले ने देश भर में सनसनी मचा दी है। शुक्रवार (3 जनवरी) को उनका शव एक ठेकेदार के सेफ्टिक टैंक से बरामद हुआ। मुकेश 1 जनवरी से लापता थे। इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट पेश की।
### **हत्या की साजिश और जांच में AI का इस्तेमाल**
एसआईटी की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर ने अपने भाइयों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। बताया गया कि हत्या से पहले आरोपी ने बड़े पैमाने पर धन निकासी की थी। इस मामले में पुलिस ने पहली बार AI और OSINT टूल्स का उपयोग किया। हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। आरोपियों ने बीजापुर-गीदम नेशनल हाईवे के पास तुमनार नदी में हथियार छिपाए थे।
### **हत्या की वजह: सड़क निर्माण की खबर**
मुकेश चंद्राकर ने हाल ही में बीजापुर जिले के मिरतुर इलाके में सड़क निर्माण से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ठेकेदार और उसके भाइयों ने इसी खबर से नाराज होकर हत्या को अंजाम दिया।
### **गुमशुदगी की रिपोर्ट से हुआ खुलासा**
मुकेश के लापता होने पर उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उनके मोबाइल नंबर लगातार बंद आ रहे थे। रिपोर्ट दर्ज होते ही बीजापुर पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की।
### **पुलिस का अभियान: महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी तलाश**
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ महाराष्ट्र और तेलंगाना पुलिस ने भी अभियान चलाया। इस दौरान सुरेश चंद्राकर की चार गाड़ियां और हत्या के बाद इस्तेमाल हुआ एजेक्स जब्त किया गया।
### **परिवार ने जताया ठेकेदार पर शक**
मुकेश के भाई ने पहले ही ठेकेदार की संलिप्तता की आशंका जताई थी। उन्होंने बताया कि मुकेश ने जिस सड़क निर्माण पर खबर बनाई थी, वही उनकी हत्या का कारण बनी। पुलिस ने इस एंगल से भी जांच तेज कर दी है।
पत्रकार की हत्या से पूरे क्षेत्र में रोष है। प्रशासन ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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