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बस्तर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई ने ली पत्रकार की जान, मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या से पत्रकारिता जगत स्तब्ध प्रेस क्लब मोहला ने दी श्रद्धांजलि

NBPNEWS/मोहला मानपुर अं चौकी/05 जनवरी 2024/ छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या ने पूरे पत्रकारिता जगत को झकझोर दिया है। मुकेश चंद्राकर ने अपनी लेखनी अपनी आवाज से बस्तर में फैले भ्रष्टाचार को उजागर किया था, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।  
शनिवार को मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी प्रेस क्लब के पत्रकारों ने जिला मुख्यालय मोहला स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान 2 मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। पत्रकारों ने उनके योगदान को याद करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।  
##भ्रष्टाचार के खुलासे से जुड़ा है हत्या का मामला##
मुकेश चंद्राकर जो कि एनडीटीवी व खुद के यूट्यूब चैनल बस्तर जंक्शन के माध्यम से लगातार बस्तर की अबूझ जगह के खबरों को दिखाते रहे है, हाल ही में मुकेश चंद्राकर ने बीजापुर जिले में गंगालूर से नेलशनार गांव तक सड़क निर्माण में हुए बड़े घोटाले का खुलासा किया था। लोक निर्माण विभाग ने इस सड़क के निर्माण के लिए 56 करोड़ का अनुबंध किया था, लेकिन ठेकेदार ने नेताओं और अफसरों की मिलीभगत से इसकी लागत 112 करोड़ तक बढ़वा ली।  
घोटाले का आलम यह था कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क पहली ही बारिश में बह गई। इस पूरे मामले में लगभग 100 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। चंद्राकर के इस खुलासे के बाद प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही मामले की जांच शुरू हुई। लेकिन यह खुलासा उनकी हत्या की वजह बन गया।  

##पत्रकारिता पर गहरा संकट##
बस्तर में भ्रष्टाचार और नक्सल प्रभाव के चलते ठेकेदारों को मनमाने ढंग से भुगतान किया जाता है। यहां गुणवत्ता और पारदर्शिता के मानकों का पालन करने का कोई दबाव नहीं होता। पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने इसी भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज उठाई थी।  
पत्रकारों का कहना है कि बस्तर में भ्रष्टाचार का यह मामला आंखें खोलने वाला है। यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती, तो इस तरह के और भी घटनाएं सामने आ सकती हैं।  
##प्रेस क्लब की मांग##
मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी प्रेस क्लब ने मुकेश चंद्राकर की हत्या की निंदा करते हुए प्रदेश सरकार से मामले की जल्द जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आवाज बुलंद रह सके।  

यह घटना न केवल बस्तर में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर करती है, बल्कि पत्रकारिता जगत के लिए भी एक बड़ा खतरा है।

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